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Satindra Chauhan· 5 साल पहले
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केशवदास ने 'रामचंद्रिका' की रचना किस कवि की प्रतिस्पर्धा में किया?

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जवाब दिया गया03/09/26

रीतिकालीन कवि आचार्य केशवदास से जुड़ा यह ऐतिहासिक प्रसंग हिंदी साहित्य में अत्यंत रोचक माना जाता है। माना जाता है कि केशवदास ने अपनी प्रसिद्ध कृति 'रामचंद्रिका' की रचना महाकवि तुलसीदास की प्रतिस्पर्धा (होड़) में की थी।

इस प्रतिस्पर्धा के पीछे की कहानी: प्रचलित लोकश्रुति के अनुसार, एक बार केशवदास की भेंट गोस्वामी तुलसीदास से हुई थी। वहाँ केशवदास ने तुलसीदास को कुछ पद सुनाए, जिन्हें सुनकर तुलसीदास ने उन्हें 'प्राकृत कवि' (साधारण कवि) कह दिया। केशवदास को यह बात चुभ गई और उन्होंने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया। तुलसीदास की 'रामचरितमानस' की लोकप्रियता को देखते हुए, केशवदास ने अपनी काव्य प्रतिभा सिद्ध करने के लिए मात्र एक रात में 'रामचंद्रिका' की रचना कर डाली।

रामचंद्रिका की विशेषता: जहाँ तुलसीदास की रचना भक्ति और भाव प्रधान है, वहीं केशवदास ने 'रामचंद्रिका' में अपनी पांडित्य प्रदर्शन और कठिन छंद योजना पर अधिक बल दिया। इसी कारण रामचंद्रिका को "छंदों का अजायबघर" भी कहा जाता है। हालांकि, अपनी कठिन शब्दावली के कारण ही केशवदास को "कठिन काव्य का प्रेत" कहा जाने लगा।

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जवाब दिया गया10/02/21

केशव दास ने रामचंद्र चंद्रिका जो रामचंद्रिका कहलाती है की रचना गोस्वामी तुलसीदास की प्रतिस्पर्धा में की थी रामचंद्र चंद्रिका केशवदास की बहुत ही सूप्रसिद्ध रचना है जो सामान्यतः रामचंद्रिका कहलाती है रामचंद्रिका रचना का स्पष्ट वर्णन स्वयं केशव दास कवि ने ग्रंथ के आरंभ में किया है इस महाकाव्य में भगवान श्री राम की संपूर्ण कथा वर्णित है फिर भी यह और अन्य रामायण की तरह भक्ति मैं प्रधान ग्रंथ ना होकर काव्य ग्रंथ ही हैलेख की तस्वीर

prity singh
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Prity singh from Navi mumbai😊🫶

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