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Updated on Mar 18, 2026education

केशवदास ने 'रामचंद्रिका' की रचना किस कवि की प्रतिस्पर्धा में किया?

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Answered on Mar 9, 2026

रीतिकालीन कवि आचार्य केशवदास से जुड़ा यह ऐतिहासिक प्रसंग हिंदी साहित्य में अत्यंत रोचक माना जाता है। माना जाता है कि केशवदास ने अपनी प्रसिद्ध कृति 'रामचंद्रिका' की रचना महाकवि तुलसीदास की प्रतिस्पर्धा (होड़) में की थी।

इस प्रतिस्पर्धा के पीछे की कहानी: प्रचलित लोकश्रुति के अनुसार, एक बार केशवदास की भेंट गोस्वामी तुलसीदास से हुई थी। वहाँ केशवदास ने तुलसीदास को कुछ पद सुनाए, जिन्हें सुनकर तुलसीदास ने उन्हें 'प्राकृत कवि' (साधारण कवि) कह दिया। केशवदास को यह बात चुभ गई और उन्होंने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया। तुलसीदास की 'रामचरितमानस' की लोकप्रियता को देखते हुए, केशवदास ने अपनी काव्य प्रतिभा सिद्ध करने के लिए मात्र एक रात में 'रामचंद्रिका' की रचना कर डाली।

रामचंद्रिका की विशेषता: जहाँ तुलसीदास की रचना भक्ति और भाव प्रधान है, वहीं केशवदास ने 'रामचंद्रिका' में अपनी पांडित्य प्रदर्शन और कठिन छंद योजना पर अधिक बल दिया। इसी कारण रामचंद्रिका को "छंदों का अजायबघर" भी कहा जाता है। हालांकि, अपनी कठिन शब्दावली के कारण ही केशवदास को "कठिन काव्य का प्रेत" कहा जाने लगा।

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General Knowledge Enthusiast
Answered on Oct 2, 2021

केशव दास ने रामचंद्र चंद्रिका जो रामचंद्रिका कहलाती है की रचना गोस्वामी तुलसीदास की प्रतिस्पर्धा में की थी रामचंद्र चंद्रिका केशवदास की बहुत ही सूप्रसिद्ध रचना है जो सामान्यतः रामचंद्रिका कहलाती है रामचंद्रिका रचना का स्पष्ट वर्णन स्वयं केशव दास कवि ने ग्रंथ के आरंभ में किया है इस महाकाव्य में भगवान श्री राम की संपूर्ण कथा वर्णित है फिर भी यह और अन्य रामायण की तरह भक्ति मैं प्रधान ग्रंथ ना होकर काव्य ग्रंथ ही हैArticle image

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