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ब्रिज गुप्ता · 8 साल पहले
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मे पूछना चाहता हूँ जो ये शादी पार्टी मे बेफिजूल के खर्चे होते है क्या वो करना सही है ?

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अपडेट किया गया06/04/26

यह हर व्यक्ति की सोच और आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है। कई लोग शादी को जीवन का खास मौका मानकर बड़े स्तर पर खर्च करना पसंद करते हैं, जबकि कुछ लोगों को लगता है कि दिखावे और समाज के दबाव में जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च करना सही नहीं है। कई बार लोग कर्ज लेकर भी शादी में खर्च कर देते हैं, जिससे बाद में आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है। वहीं कुछ परिवार सादगी से शादी करके पैसे को भविष्य, घर या बच्चों की जरूरतों में लगाना बेहतर मानते हैं। वास्तव में, शादी की खुशी रिश्तों और यादों से बनती है, सिर्फ महंगी सजावट, खाना या दिखावे से नहीं।

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Ved Tiwari is a Chartered Accountant (CA) and finance writer with over 20 years of professional experience in taxation, auditing, financial planning, and business advisory. He is a Fellow Member of the Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) — one of the most rigorous professional qualifications in Indian finance — and holds a Bachelor of Commerce (B.Com Honours) from Shri Ram College of Commerce (SRCC), Delhi University. His content covers personal finance, corporate taxation, GST, investment strategy, business compliance, financial planning, and India's evolving regulatory and economic landscape. His work has appeared on platforms including Moneycontrol, The Economic Times Wealth, and CA Club India, where he writes for finance professionals, business owners, and informed readers who need content built on two decades of real-world financial practice — not surface-level commentary. Over 20 years, Ved has advised hundreds of businesses and individual clients on taxation, audit compliance, and financial restructuring. He has handled complex multi-crore audits, represented clients before tax authorities, and guided startups and established firms through India's regulatory environment. He has published 400+ articles on finance and business, spoken at ICAI seminars and industry finance conferences, and is a practising member of the ICAI Western Region chapter. Across all his writing, every figure is verified, every regulatory reference is current, and every recommendation reflects the same professional standard he applies to his clients — because in finance, accuracy is not optional.

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अपडेट किया गया05/27/26
नमस्कार ब्रिज जी ,आपका सवाल बहुत ही अच्छा है क्योकि आज देश जहा इतनी परेशानियों से गुज़र रहा है वही पर लोग ये फिजूल खर्चे करते क्योंहै | आपकी बात से मे भी सहमत हूँ जो लोग फ़िज़ूल का खर्चा करते है उससे उनको सिर्फ अपने बड़ेपन होने का एहसास होता है | बस उनका सोचना है के मैंने इतना कमाया है तो मे खर्च कर रहा हूँ पर वो ये नहीं सोचते की अगर पैसा उन्होंने कमाया भी है तो उसमे भी तो उन्होंने परिश्रम किया है | वो पैसो की रौशनी मे सब भूल जाते है ,यहाँ तक की अपनी खुद की मेहनत भी |
 
शादियों मे और अन्य पार्टियों मे इतना सजावट करवाते है लोग वो भी सिर्फ दिखने के लिए | आज कल के समय मे तो सजावट भी नाम से होती है | flowers डेकोरेशन चाहिए या गुब्बारों वाला डेकोरेशन चाहिए | किसी जन्म दिन पर भी सजावट जन्म दिन किसका का लड़के का या लड़की का इसके हिसाब से सजावट होती है | शादियों मे भी सजावट और खाने के मामले मे बस पैसा ही बोलता है | ऐसे मे इंसान की नहीं सिर्फ चीजों की कीमत रह जाती है |
 
इतने प्रकार का खाना बनवाते है लोग सिर्फ दिखने के लिए | इतना खाना बर्बाद होता है | वो खाना लोग फेंक देते है पर किसी जरूरत मंद को नहीं देते | ये बहुत ही गलत बात है | ऐसा नहीं होना चाहिए | खर्च करो पर उतना जो बेफिजूल न लगे | चाहे पैसा आपका अपना ही क्यों न हो पर मेहनत तो उसमे भी लगी है | और एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए "अगर आप बड़े बने हो तो वो सिर्फ आपकी मेहनत नहीं होती,आपके साथ साथ उस सबकी मेहनत है जो आपके साथ जुड़े हुए है |"
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जवाब दिया गया04/22/23

हर मां बाप की इच्छा होती है कि उनके बच्चों की शादी धूमधाम से की जाए इसी वजह से वह लगे रहते हैं कि उनके बच्चों की शादी में कोई कमी ना आए लेकिन मैं जानना चाहता हूं कि क्या शादी में भी फिजूल खर्चे ना किए जाए तो क्या होगा यह तो और अच्छी बात होगी कि शादी मे बेफिजूल खर्च ना किए जाएं तो इससे आपका पैसा बचेगा। इसके अलावा आप शादी में भी फिजूल खर्च करने की जगह गरीबों को भोजन करवाएं इससे आपको पुण्य मिलेगा। जिन लोगों को पहनने के लिए कपड़े नहीं है उसे दान करें।

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जवाब दिया गया09/16/23

दोस्तों आप सभी को पता ही है कि जब शादी होती है या फिर पार्टी तो बेफिजूल के खर्च होते ही हैं अब आप यह भी जानते हैं कि वर्तमान के समय तो यह घर से और भी बढ़ गए हैं यदि घर में पार्टी होती है तो उसके लिए बहुत से अरेंजमेंट करने पड़ते हैं। जिसमें डेकोरेशन गेट्स के लिए खाने का अरेंजमेंट करना ही पड़ता है। और यदि घर में शादी का फंक्शन हो गया था मानो लाखों का खर्चा होता है क्योंकि शादी के फंक्शन बहुत सारे होते हैं जैसे कि संगीत, मेहंदी,हल्दी हर फंक्शन के लिए अलग-अलग अरेंजमेंट करना पड़ता है इसके साथ ही हर फंक्शन में घर वालों को अलग-अलग कपड़े भी चाहिए होता है। सबसे ज्यादा तो खर्च दुल्हन के होते हैं दुल्हन को महंगा मेकअप चाहिए होता है। और इसके बाद वेडिंग हॉल का भी अरेंजमेंट देखना पड़ता है वहां की डेकोरेशन अच्छे से करवानी पड़ती है जिससे कि लड़के वाले नाराज ना हो जाए। इसीलिए आज के समय में बेफिजूल खर्चे ज्यादा हो रहे हैं।

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अपडेट किया गया12/31/25
आपके सवाल के अनुसार आप घर मेंमंदिर बनाने की दिशा जानना चाहते है | आप भगवान् पर विश्वास करते है ये बहुत अच्छी बात है | भगवान पर भरोसा होना ही चाहिए |क्योकि इस धरती में भगवान् विराजमान है ,तभी ये धरती कायम है | कुछ लोग भगवान पर विश्वास नहीं रखते है ,ऐसे लोग नाश्तिक होते है ,परन्तु कुछ लोगो में आज भी भगवान् पर विश्वाश बाकी है और ऐसे लोगो के कारण ही धरती में जीवन संभव है |
 
वैसे तो हमारे घरों में मंदिर का होना अनिवार्य है,ऐसा कोई घर नहीं होगा जहाँ मंदिर न हो और होना भी चाहिए | घर में मंदिर होने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है | परन्तु घर बनाते समय इस बात का ध्यान अवश्य रखना चाहिए कि मंदिर कहां बनाया जाये | वास्तु के अनुसार मंदिर घर के किस कोने में स्थापित करना चाहिए हम आपको बताते है |
 
वास्तु शाश्त्र के अनुसार घर में मंदिर हमेशा उत्तर-पूर्व मतलब ईशान कोण की तरफ होना चाहिए | आपका घर चाहें किसी भी दिशा में हो पर पूजा घर के लिए सबसे बढ़िया स्थान ईशान कोण ही होता है | इस दिशा में मंदिर होने से ज्ञान बढ़ता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है | पूजा करते हुए हमेशा मुख पूर्व की तरफ़ होना चाहिए ऐसा करने से घर में धन आता है और समृद्धि का वास होता है वहीँ अगर आप अभी पढ़ाई कर रहे हैं तो उत्तर दिशा की तरफ़ मुख करके अध्ययन करें |
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जवाब दिया गया09/16/23


जी हां बिल्कुल शादी पार्टी मे बेफिजूल के खर्चा करना सही नहीं है, जितना कम पैसा खर्चा करेंगे उतना ही ज्यादा आपका पैसा बच जाएगा और वही पैसा आप किसी दूसरे काम मे लगा सकते है। लेकिन आज के समय मे ऐसा कोई नहीं सोचता है जिसके पास पैसा है वो तो शादी मे बेफिजूल के खर्चा करता ही है जैसे कि शादी के हर एक फंक्शन मे हल्दी की रस्म मे 5-10 किलो हल्दी लाते है और हल्दी खेली जाती है, हल्दी खरीदने मे कम से कम 5से 6हज़ार रूपये बेफिजूल के
खर्चा कर देते है जबकि यही हल्दी खेलने की जगह आप किचेन मे खाना बनाने मे भी इस्तेमाल कर सकते है।

इसके अलावा शादी मे मेंहदी के फंक्शन मे बेफिजूल के खर्चे किये जाते है उसमे एक ही कलर के कपड़े पहनने का नया ट्रेड चला है जिसमे कपड़े खरीदने मे खर्चा होता है और मेंहदी लगाने वाली को अलग से पैसो दो, घर डेकोरेशन करने के लिए भी पैसा बेफिजूल का खर्चा होता है। यदि आप मेंहदी फंक्शन सिम्पल तरीके से करेंगे तो इन सब चीजों का पैसा बच जाएगा।लेख की तस्वीर

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जवाब दिया गया05/31/22

मेरे ख्याल से तो माँ बाप अपने बच्चो की शादी को लेकर ज्यादा ही खुश हो जाते है जिस वजह से वह शादी मे कुछ बेफिजूल के खर्चे कर देते है। जैसे कि शादी से पहले तेल चढ़ाने की रस्म इसमें बेफिजूल का ही खर्च है, क्योंकि यदि आप वही तेल गरीबो को दान देंगे तो वह बदले मे आपको दुवा देंगे। इसके अलावा शादी के बाद अलग से रिस्पेक्शन पार्टी रखते है उसमे भी बेफिजूल का ही खर्चा होता है।लेख की तस्वीर

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