मेहँदी को लेकर कई प्रकार की मान्यता होती है | जैसा कि सब कहते हैं, दुल्हन के हाथ की मेहँदी का रंग ज्यादा हुआ तो उसका पति का प्यार उसके लिए अधिक होता है | मेहँदी का रंग किसी के प्यार पर निर्भर नहीं करता |

मेहँदी को लेकर कई प्रकार की मान्यता होती है | जैसा कि सब कहते हैं, दुल्हन के हाथ की मेहँदी का रंग ज्यादा हुआ तो उसका पति का प्यार उसके लिए अधिक होता है | मेहँदी का रंग किसी के प्यार पर निर्भर नहीं करता |

दोस्तों आप सभी को पता हैं कि मेहंदी के पत्तों रंग हरा होता है और फिर यह रचने के बाद लाल रंग का हो जाता है ऐसा क्यों होता है इसके पीछे के कारण है आज इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे। मेहंदी में लॉसोन और अमीनो एसिड उपस्थित होता है और हमारी त्वचा में उपलब्ध मेलानिन और कैरोटीन नामक प्रोटीन से क्रिया करता है जिसके कारण मेहंदी का रंग लाल हो जाता है।

क्या आपने कभी सोचा है कि मेहंदी का रंग लाल क्यों होता है? आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण? ऐसी मान्यता है कि जिस औरत का पति उसे जितना अधिक प्यार करता है उसके मेहंदी का रंग उतना अधिक लाल होता है।
आइए आप जानते हैं मेहंदी का रंग लाल क्यों होता है वैज्ञानिक कारण क्या है?
दरअसल मेहंदी के पत्तों में Lawsone पाया जाता है जिसे hennotannic एसिड के नाम से भी जाना जाता है यह कंपाउंड जब मनुष्य की त्वचा के संपर्क में आते ही उसमें मौजूद केराटिन नामक एक प्रोटीन से झगड़ा करने लगता है इसी झगड़े के कारण मेहंदी का रंग लाल हो जाता है।