मेहँदी को लेकर कई प्रकार की मान्यता होती है | जैसा कि सब कहते हैं, दुल्हन के हाथ की मेहँदी का रंग ज्यादा हुआ तो उसका पति का प्यार उसके लिए अधिक होता है | मेहँदी का रंग किसी के प्यार पर निर्भर नहीं करता |
मेहँदी को science की तरफ से एक नाम दिया गया है - "लॉसनिया इनर्मिस" | पुराने समय में मेहँदी पत्तियों को पीस कर बनाई जाती थी, जिसको सभी साधारणतः मेहँदी का पेड़ कहते हैं | मेहँदी को पीस कर हथेली में लगाई जाती है, फिर जब मेहँदी सुख जाती है, तो उसको धोने के बाद वह लाल रंग देती है |
आपको बता दें यह लाल रंग प्राकृतिक यौगिक टैनिन के कारण बनता है , जो की सिर्फ मेहँदी में ही नहीं बल्कि बहुत से पेड़ है, उनमें भी पाया जाता है | यह योगिक टैनिन पेड़ की पेड़ की पत्ती , टहनियों,छाल में होता है | कई बार आपने भी इस बात को देखा होगा किसी पेड़ की पत्तियां जब आप हाथों में घिसते हो तो वो रंग छोड़ती है | वो रंग अपने योगिक टैनिन की वजह से छोड़ती हैं |
इसलिए मेहँदी का रंग लाल होता है |