मुहर्रम क्यों मनाया जाता है, और ताज़िया क्या है ?

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Answered on09/20/18

इस्लाम धर्म को मानने वाले लोगों के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है | इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार मुहर्रम इस्लामी साल का पहला महीना होता है। जिसे हिजरी भी कहा जाता है। इस्लाम के चार पवित्र महीनों में मुहर्रम का महीना बहुत ही प्रमुख माना जाता है |

क्यों मनाते हैं मुहर्रम -
इराक में एक यजीद नाम का बादशाह था, जो कि बहुत ही ज़ालिम और इंसानियत का दुश्मन था। जिसने मोहर्रम के महीने में इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मुहम्मद साहब के छोटे नवासे इमाम हुसैन और उनके 72 दोस्तों का कत्ल कर दिया था | इसी बीच हजरत हुसैन, यजीद की फौज से लड़ते हुए शहीद हो गए | उसके बाद यह मुहर्रम का महीना गम के महीने में तब्दील हो गया और तब से शहीद हुए लोगों की याद और आत्मा की शांति के लिए मुहर्रम मनाया जाने लगा | जिसमे सिया मुसलमान मुहर्रम के 10 दिन तक काले कपड़े पहनते है, और सुन्नी मुसलमान 10 दिन तक रोज़ा रखते हैं |
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ताज़िया क्या है -
ताज़िया, शिया मुस्लिमों द्वारा उनके पूर्वजों को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का एक तरीका है। ताज़िया बांस की लकड़ी का प्रयोग कर के बनाया जाने वाला एक मकबरा होता है, जिसको लोग मोहर्रम के 10 दिनों तक तरह-तरह से सजाते हैं, और 11वें दिन इस मकबरे को बाहर निकाला जाता है | इस मकबरे को लेकर पूरे शहर में घूमा जाता है, या कह सकते हैं कि एक जुलुस निकाला जाता है | इस्लाम के सभी लोग इस जुलुस में शामिल होते हैं |
इसके बाद ताज़िया को इमाम हुसैन की कब्र के रूप में दफना दिया जाता है। ताज़िया को आप शहीद हुए लोगों को दी जाने वाली श्रद्धांजलि कह सकते हैं | मुहर्रम त्यौहार नहीं बल्कि मातम के रूप में मनाए जाने वाला दिन है | इस दिन निकलने वाले जुलुस में लोग रोते हैं, बिना पैरों में चप्पल पहने पूरे शहर में घूमते हैं, और कुछ लोग तो अपने आपको कोड़े भी मारते हैं |
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