महाभारत एक महान ग्रंथ। जिसकी रचना कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने की थी। महर्षि वेदव्यास महाभारत के रचयिता ही नहीं अपितु उन घटनाओं के साक्षी भी रहे थे,जो महाभारत में घटित हुई थी।
महाभारत की समस्त घटनाओं की जानकारी उन तक पहुंचती तो थी ही , साथ ही वो उन घटनाओं पर अपनी राय भी देते थे। महाभारत अधर्म पर धर्म की जीत है। महर्षि व्यास के पास दिव्य दृष्टि थी, इसलिए उन्होंने यह देख दिया था कि कलयुग में धर्म ख़त्म हो जाएगा। इसलिए महर्षि ने वेद को चार भागों में विभाजित किया और उन्हें नाम दिया- ऋग्वेद यजुर्वेद सामवेद व अथर्ववेद।




