जहां आज कल के समय में माता पिता और बच्चों के बीच काफी दूरियां आ गई है| जिसके कारण अक्सर बच्चे अपने माता पिता को यह कहते हुए बिलकुल नहीं हिचकिचाते कि आपने हमारे लिए किया ही क्या है? अपने माता पिता को ऐसा कहना आसान होता है, परन्तु इस बात का एहसास आपको तब होता है जब आप माता या पिता बनते हैं| खैर! आज कल के समय में इन बातों पर कोई विचार नहीं करता लेकिन विचार जरुरी है|
वैसे आज का हमारा विषय है कि एक बच्चे के जीवन में माता और पिता का क्या महत्व है| तो चलिए जानते हैं..जब लोग माता पिता बनते हैं तो उन्हें जितनी ख़ुशी होती है उससे कहीं ज्यादा उनके जीवन में जिम्मेदारियां आ जाती है| जिसको निभाते निभाते शायद माता पिता खुद के लिए जीना भूल जाते हैं| लेकिन फिर भी कई बार बच्चों से उन्हें ये सुनना पड़ जाता है कि आपने हमारे लिए किया ही क्या है?
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लेकिन कुछ माता पिता ऐसे भी होते हैं जो अपने में ही व्यस्त रहते हैं और जिसके चलते अपने बच्चों को समय नहीं देते| जिसका असर कहीं न कहीं बच्चों के दिमाग पर पड़ता है| इसके अलावा माता पिता के बीच होने वाली रोजाना की बहस और लड़ाइयां भी बच्चों के जीवन को अंधकार में डालने की एक बड़ी वजह बनती है| यही कारण कि वर्तमान समय में कई बच्चों और माता पिता के बीच दूरियां आ गई है|
आज कल माता पिता और बच्चों के बीच के रिश्ते काफी ख़राब होते जा रहे हैं, जिसका कारण कहीं न कहीं माता पिता के बीच का विवाद माना जा सकता है| कहते हैं न “बच्चे जैसा देखेंगे वैसा ही सीखेंगे” इसलिए माता पिता को अपने अहंकार को एक तरफ रख कर अपने बच्चे के भविष्य के बारें में सोचना चाहिए| माता पिता को हमेशा एक दुसरे के साथ सही व्यवहार करना चाहिए|

ताकि बच्चे माता और पिता दोनों के साथ जुड़े रहें| बच्चे के दिमागी विकास के लिए यह जरुरी है कि माता पिता पहले अपने बीच के रिश्ते को सुधारें जिसके बाद घर का माहोल सही बना रहेगा और इससे बच्चे को सही परवरिश मिलेगी| जब माता पिता दोनों बच्चे की परवरिश सही से करेंगे तो शायद उन्हें आगे चलकर ये नहीं सुनना होगा कि आपने हमारे लिए किया क्या है?
इस विषय पर आप लोगों के क्या विचार हैं, प्लीज आप इस पर जवाब जरुर दीजियेगा|










