Advertisement

Advertisement banner

Advertisement

Advertisement banner

Advertisement

Advertisement banner
A
Jun 26, 2022education

कौन से एयरपोर्ट पर संस्कृत में घोषणाएं यानी अनाउंसमेंट होता है?

2 Answers
0

avatar
@krishnapatel8792Jun 25, 2022

क्या आपने कभी किसी भी एयरपोर्ट में संस्कृत भाषा में अनाउंसमेंट सुना है जी हां दोस्तों संस्कृत भाषा में क्योंकि अक्सर हर एक एयरपोर्ट में अनाउंसमेंट हिंदी और इंग्लिश या फिर वहां की मातृभाषा में किया जाता है लेकिन हमारे भारत देश का एक ऐसा स्थान है जहां पर हिंदी और इंग्लिश के साथ साथ अब संस्कृत भाषा में एयरपोर्ट में घोषणा की जाती है उस स्थान का नाम है काशी यानी कि वाराणसी यहां पर कोविड-19 से लेकर सभी जानकारियों की घोषणा संस्कृत भाषा में की जाती है। दरअसल काशी को संस्कृत भाषा का पीठ स्थान कहा जाता है। इसलिए यह देश का पहला एयरपोर्ट है वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर संस्कृत भाषा में अनाउंसमेंट किया जाता है।Letsdiskuss

0
0
A
@abhinavkumar4574Jun 25, 2022

देवभाषा संस्कृत अति अति प्राचीन भाषा है। अस्माकं देशस्य प्राचीनाम भाषा संस्कृत अस्ति। संस्कृति और भारत की भाषाओं मे जीवन, अध्यात्म, गीत-संगीत सभी कुछ बसा हुआ है। भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भारत की आध्यात्मिक नगरी बनारस के एयरपोर्ट पर संस्कृत में घोषणाएं यानी अनाउंसमेंट होती है। विश्व का पहला एयरपोर्ट लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय हवाई अड्डा (एयरपोर्ट) जो कि बनारस के बाबत पूरा इलाके में स्थित है, वहां पर देव भाषा संस्कृत में कोविड-19 नियमों बारे में सूचनाएं दी जाती हैं। भारत में अधिकांश एयरपोर्ट में हिंदी और अंग्रेजी भाषा में घोषणाएं और कोविड-19 से बचाव और सुरक्षा के लिए अनाउंसमेंट किया जाता है लेकिन आध्यात्मिक नगरी में आप जब पहुंचेंगे तो इस एयरपोर्ट पर आपको अंग्रेजी और हिंदी के अलावा संस्कृत भाषा में भी अनाउंसमेंट सुनने को मिलेगा जो आपके कानों को बहुत ही अच्छा लगेगा क्योंकि हमारी संस्कृति का हिस्सा है भारत की भाषा संस्कृत।

Article image

संस्कृत और संस्कृति की नगरी वाराणसी

संस्कृत भाषा में अनाउंसमेंट पर वाराणसी एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने एक ट्वीट के माध्यम से यह बताया कि हम अपने सम्मानित यात्रीगण को विमानतल पर आते ही यह महसूस कराना चाहते हैं कि वे काशी यानी संस्कृत भाषा के पीठ स्थान पर पधार चुके हैं। संस्कृत भाषा में अनाउंसमेंट करने के पीछे यह बात बताई जा रही है कि वाराणसी सनातन काल से ही संस्कृत भाषा का केंद्र बिंदु रहा है। वेद और धार्मिक किताबें संस्कृत भाषा में ही लिखी गई है। भाषा को मान सम्मान देने के लिए यह अनाउंसमेंट संस्कृत भाषा में किया गया है।

आपको बता दें कि वाराणसी आध्यात्मिक और धार्मिक नगरी है। यहां पर संस्कृत भाषा बोली और पढ़ाई जाती है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय संपूर्णानंद विश्वविद्यालय आदि में संस्कृत के स्कॉलर इस भाषा में पारंगत हो रहे हैं और रिसर्च करके आधुनिक ज्ञान को संस्कृत भाषा में लिख भी रहे हैं।

कर्मकांड और रीति रिवाज में संस्कृत

तो बता दे कि कर्मकांड की इस नगरी में संस्कृत भाषा में ही कर्मकांड कराया जाता है पूजा पाठ आरती आदि संस्कृत भाषा में ही की जाती है। यहां पर संस्कृत का गहन अध्ययन करने वाले विद्यार्थी यहां पर अध्ययन करते हैं। वाराणसी में स्पोकन संस्कृत पढ़े लिखे संस्कृत विद्वान व्यक्ति एक दूसरे से बोलते भी हैं।




0
1