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Aman Kumar· 7 साल पहले
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होम लोन सरेंडर करना चाहिए या नहीं ?

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अपडेट किया गया12/26/18

होम लोन सरेंडर करने का मतलब है जब हम किसी बैंक से होम लोन लेते हैं तो अपनी ई एम आई का भुक्तान ना कर पाने पर बैंक को अपनी प्रॉपर्टीस सुपुर्द कर देते हैं। बैंक फिर उस प्रॉपर्टी को बेच कर अपने लोन का भुक्तान कर लेती है और बचा हुआ पैसा उस व्यक्ति को दे देती है जिसने होम लोन को सरेंडर किया है।

अपनी किस्तों के भुक्तान न कर पाने पर होम लोन सरेंडर कर देना बेहतर समाधान नहीं समझा जाता क्योंकि बैंक को यह पता लग जाता है कि आप का दिवालिया निकल चुका हैं और इससे आपके पैन कार्ड और क्रेडिट स्कोर पर भी असर पढ़ सकता हैं और बैंक आपकी प्रॉपर्टी बहुत काम मूल्य में नीलाम कर सकता है क्योंकि बैंक को नीलामी से सिर्फ अपनी ब्याज की राशी वसूल करनी होती है।

तो अगर कभी होम लोन सरेंडर करने की नौबत आए तो बैंक को सरेंडर करने से बहतर विकल्प यही है कि आप खुद उस प्रॉपर्टी को बेच दें और अपना होम लोन चुका दें। ऐसा करने से बैंक को होम लोन चुकाने के बाद कुछ मूल्य आपके पास भी बच सकता है और इससे आपको अतिरिक्त लाभ होगा।

सौजन्य:https://www.sharemarkethindi.com

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