चलिए आज हम आपको अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट के बारे में बताएंगे, इस तरह के क्वेश्चन यूपीएससी के इंटरव्यू में उम्मीदवार से पूछे जाते हैं तो उम्मीदवार कुछ सोच समझ कर इसका जवाब देते हैं,अरावली पर्यावरणीय पर्दा परियोजना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य कई राज्यों से होता है जैसे कि हरियाणा,राजस्थान,गुजरात और नई दिल्ली में अरावली पहाड़ी श्रृंखलाओं के आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र को हरा भरा तक वृक्षारोपण करना चाहिए। श्री भूपेंद्र यादव जी ने अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट के शुभारंभ किया था।इस परियोजना स्थानीय समुदायों के आजीविका बढ़ाने के लिए कृषि वानिकी और चारागाह विकास पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे।केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 25 मार्च 2023 को हरियाणा के टिकली गांव में अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस मनाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था।
अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट के बारे मे बताये?
2 Answers
1 Comments
V
@vikusingh1788 | Posted on October 18, 2023
अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसका उद्देश्य हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली राज्यों में अरावली पर्वत श्रृंखला के चारों ओर 1,400 किलोमीटर लंबी और 5 किलोमीटर चौड़ी एक ग्रीन बेल्ट बनाने का है। यह परियोजना केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है।
इस परियोजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- भूमि क्षरण और मरुस्थलीकरण को रोकना
- धूल के प्रदूषण को कम करना
- जल संरक्षण में सुधार करना
- जैव विविधता को बढ़ावा देना
- स्थानीय समुदायों की आजीविका में सुधार करना
अरावली ग्रीन वॉल परियोजना के तहत, निम्नलिखित गतिविधियाँ की जाएंगी:
- वनीकरण: अरावली पर्वत श्रृंखला के चारों ओर 5 किलोमीटर चौड़ी एक पट्टी में पेड़ और झाड़ियाँ लगाई जाएंगी।
- जल संरक्षण: जल स्रोतों के कायाकल्प और पुनर्वास के लिए काम किया जाएगा।
- जैव विविधता संरक्षण: अरावली पर्वत श्रृंखला की जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए काम किया जाएगा।
- स्थानीय समुदायों का सशक्तिकरण: स्थानीय समुदायों को परियोजना में शामिल किया जाएगा और उन्हें वनीकरण और जल संरक्षण के कार्यों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
अरावली ग्रीन वॉल परियोजना एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जो भारत के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस परियोजना से भूमि क्षरण और मरुस्थलीकरण को रोकने, जल संरक्षण में सुधार करने, जैव विविधता को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदायों की आजीविका में सुधार करने में मदद मिलेगी।

2 Comments





