जब मुझे भूख नहीं होती है तो मुझे कुछ भी खाना पसंद नहीं होता और ना ही कुछ खाने का मन करता है। लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है जब मुझे भूख नहीं रहती है तो मैं अमरूद खा लेती हूं क्योंकि अमरुद मुझे बहुत ही पसंद है। और भी ऐसी कई चीजें हैं जिन्हें मैं बिना भूख के खा लेती हूं। जैसे कि कुरकुरा, चिप्स, पंजाबी तड़का, बिस्किट, नमकीन, ये सब चीजें मैं बिना भूख के खा लेती हूं। क्योंकि मुझे यह बहुत पसंद है। और इन्हें खाने से मेरे सेहत को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचता है। इसलिए मैं इन्हें खा लेती हूं। क्योंकि जब मैं चटपटी चीजें देखती हूं और अमरूद देखती हूं तो मुझे बिना भूख के ही भूख लग आती है।
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shweta rajput· 6 years ago
Covering sports news, analysis, and performance insights with accuracy, clarity, and timely updates.जब आप भूखे न हों तब भी आपको क्या खाना पसंद है?
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Answered on12/27/21
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Answered on12/25/21
ज़ब मुझे भूख तो रहती है लेकिन मुझे खाना खाने का मन नहीं करता हैं, ऐसे मे मुझे कुछ चटपटा, हल्का खाने का मन करता हैं तो ऐसे मुझे नमकीन, आलू भुजिया, पंजाबी तड़का, पापकॉन आदि चीजों को खाने का मन करता हैं, क्योंकि यह ऐसी चीजे हैं जिस किसी को भूख ना हो वो भी चटपटी चीजों को देखते ही उनका मन भी खाने को करने लगता हैं।

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Answered on07/14/20
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Answered on07/13/20
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Author
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Updated on06/03/26
हम CRICKET को क्रिकेट के रूप में हिंदी में कहते हैं लेकिन यहाँ नाम (मजाकिया) हैं
- CRICKET: गोल गुट्टम लकड़ बट्टम दे दनादन प्रतियोगिता
- CRICKET: लैंब डैंड गोल पिंड धरपकड़ प्रतियोगिता
- CRICKET TEST MATCH: पाकुड़ दांडू, मार मंडु, दे दनादन प्रतियोगिता।
आशा है आपको यह पसंद आया होगा तो चलिए खेलते हैं लैंब डैंड गोल तालाब धर्मपद प्रतियोगिता / प्रेमप्रधान।
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Answered on07/10/20
A
Society & Culture Writer
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Answered on07/10/20
S
Indian History Explorer
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Answered on07/10/20
यहां चार प्रमुख चरण दिए गए हैं:
- इसे स्वीकार करना सिर्फ एक आदत है और माइंडलेस खाने की ललक आपके निचले मस्तिष्क से सिर्फ एक न्यूरोलॉजिकल जंक है जबकि आपका मानव मस्तिष्क हमेशा खाने की क्रिया को वीटो करने की शक्ति रखता है।
- जब भी आप अपने आप को नासमझ खाने के आग्रह के साथ उत्साहित पाते हैं क्योंकि एक बुरी आदत को फिर से स्थापित करने का एकमात्र तरीका उस स्थिति में होना है और उस पर कार्य नहीं करना है।
- आग्रह को खारिज करें और समझें कि यह कुछ भी गहरा नहीं दर्शाता है और आपका मानव मस्तिष्क आपके खाने की क्रियाओं के नियंत्रण में है। अधिक खाने के आग्रह पर कार्रवाई मत करो।
- सफल होने के लिए खुद को बधाई दें क्योंकि मस्तिष्क सकारात्मक भावना पर पनपता है।
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