कहने और सुनने में यह एक साधारण सा शब्द लगता है कि वह एक हॉउस वाइफ है लेकिन कभी इस बात को किसी नए एंगल से सोचने की कोशिश कि है, जी हाँ मैं जानती हूँ बहुत सारे लोगों को अभी यह बात पढ़ने में और समझने में बहुत अजीब लग रही होगी की की वह एक हाउस वाइफ है इस बात को अलग से कैसे सोचा जा सकता है |

अगर मैं आपको साधारण से शब्दों में अपनी बात समझने की कोशिश करू तो साधारणता मन यह कहने की कोशिश कर रही हूँ की जब एक महिला कभी कही बाहर जाती है या फिर घर के सभी कामों का बोझ कंधें पर उठा कर चलती है तो उसे ऐसे ईर्ष्या नजरों से कैसे देखा जाता है की वह मात्र एक हाउस वाइफ या ग्रहणी है |
जब भी कोई ग्रहणी एक घर और परिवार की ज़िम्मेदारियों को निभाती है और उसे समेट कर चलती है तो वह अपने बारें में कभी किसी क्षण नहीं सोचती है बल्कि उसकी मानसिक और शारीरिक गतिविधियां केवल उन लोगो के लिए होती है जो उससे जुड़ें होते है उदाहरण के तौर पर उसका परिवार, उसके बच्चें आदि |
सोचने वाली बात तो यह है कि जो लोग घर से बाहर दफ्तर जाते है उन्हें भी हफ्ते में एक दिन का अवकाश प्रदान होता है लेकिन जो ग्रहणियां घर की ज़िम्मेदारियाँ ले कर चलती है जिन्हें हाउस वाइफ का दर्जा दिया गया है, वह हफ्ते के एक दिन भी अवकाश नहीं लेती और निरंतर प्रयासों के साथ अपने हाउस वाइफ होने के हर कर्तव्य को पूरा करती है, इसलिए कभी किसी ग्रहणी को साधारण से शब्दों में सजोना की वह मात्र एक हाउसवाइफ है इस बात का कोई अर्थ नहीं है, और जो लोग यह सोचते है की ग्रहणी सिर्फ एक हाउस वाइफ है उनके लिए तो मेरे मन में केवल एक ही सवाल आता है की ऐसा कौन सा काम है जो एक हाउसवाइफ नहीं कर सकती है ?