गहरे पानी में गोली चलने से गोली की गति धीमी हो जाती है। क्योंकि, जब पानी के अंदर गोली चलाई जाती है तो उस पानी का घनत्व ज्यादा हो जाता है। जिसके कारण उसका प्रतिरोध भी अधिक होता है। यही कारण होता है कि जब व्यक्ति गोली पानी में चलाता है तो वह दूर नहीं जा पाती है। लेकिन कुछ सूत्रों से पता चला है कि हमारे देश में कुछ गोलियों को बनाया जा रहा है जो पानी में भी अपने गति को बनाए रखेगी ।
गहरे पानी में बंदूक चलाने पर क्या होता है? क्या गोली की गति धीमी हो जाती है?
दोस्तों , आप सभी ने बंदूक से गोली चलते हुए देखा होगा। जब भी यह गोली चलती है तो उसके तीन हिस्से होते है। बंदूक से जो गोली चलती है उसे हम नार्मल शब्दों में कार्ट्रिज कहा जाता है। इस कार्ट्रिज की बात करें तो यह तीन तरह के हिस्सों में बता हुआ होता है। इसके पहले वाले हिस्सों को हम बुलेट कहते है , बिच वाले हिस्से को केस और लास्ट के हिस्से को खोखा कहा जाता है , जिसमें अक्सर बारूद भरा हुआ होता है। फायरिंग करते वक्त कार्ट्रिज का खोखा बंदूक से निकलकर वहीं गिर जाता है और बुलेट बंदूक से बाहर निकल जाती है।

अगर हम पानी में चलनें वाली गोली की बात करें तो , आपके द्वारा चलायी हुई गोली केवल 4-5 फिट की दुरी तय कर पायेगी। अन्य हथियारों की तुलना में रिवाल्वर का असर पानी में ज्यादा होता है इसके साथ - साथ हथियार को पानी में नुकसान भी बहुत काम पहुँचता है। क्योंकि गोलियों की तरह वह पानी में काम करने के लिए नहीं बनें है। ट्रिगर दबाने पर रफ्तार पकड़ती गोली को पहले बैरल में मौजूद पानी को बाहर धकेलना पड़ेगा। इस तरह रफ्तार पर पकड़ कमजोर हो जाएगी। वास्तव में ऐसी गोलियां बनाई जा रही हैं जो पानी में 60 मीटर तक की दूरी तय कर पाएंगी।
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इससे पानी में गोलीबारी करने में मदद मिलेगी। एक गोली को बनाने में कई तरह के धातु का प्रयोग किया जाता है। जैसे लेड और आजकल कैल्शियम सिलिकेट। इन सभी के कारण ही लोगों की जान जाती है ,जो गैस फ्यूम निकलती है उसके कारण भी मौत होती है। इसमें अनबर्न पाउडर का इस्तेमाल भी किया जाता है। उसकी वजह से लोगों की जान जाती है। अगर पानी में हमारे ऊपर कोई गोली चलता है तो , उसकी रफ़्तार तेज़ होगी। क्योंकि पानी किसी भी चीज को अपनी तरफ खींचता है और उसका बहाव भी तेज़ होता है।