अभी भारत एक महामारी से उभर नहीं पाया है, और उधर दूसरी तरफ कोरोना के साथ साथ एक और नयी महामारी ने अपने पैर फ़ैलाने शुरू कर दिए है ! जिसे ब्लैक फंगस का नाम दिया गया है, जो की बिलकुल नयी और दुर्लभ बीमारी है, इस बीमारी ने पिछले साल ही भारत मैं दस्तक दे थी, लेकिन कोरोना के कारण इस पैर किसी का भी ज्यादा ध्यान नहीं गया।
आइये जानते है क्या है ये नयी बीमारी :-
ब्लैक फंगस ऐसी बीमारी है जो की कोरोना के मरीज़ो मैं ज्यादा देखने को मिल रही है और ध्यान देने वाली बात तो ये की इसकी चपेट मैं आने वाले ज्यादातर मरीज कोरोना को हरा चुके होते है, ये उन मरीजों को जल्दी होती है जिनका इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होता है। इसमें बॉडी के ज्यादातर पार्ट इन्फेक्टेड हो जाते है जिनकी रिकवरी कर पाना डॉक्टर्स के लिए भी आसान नहीं होता है, ये बॉडी मैं इतनी तेज़ी से फैलता है की किसी को सोचने समझने का भी टाइम नहीं देता है
ये बीमारी ज्यादातर उन मरीजों मैं देकने को मिल रही है, जिनकी कभी कीमोथेरपी हुई है, या फिर वो शुगर की बीमारी से ग्रसित है, या फिर कोई ट्रैंसप्लैंट करवाया हुआ है, क्युकी ऐसे लोगो का रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमज़ोर हो जाता है जिससे ये बीमारी आसानी से उन्हें अपने कब्ज़े मैं ले रही है,
कैसे होता है ये :-
अभी तक इस बीमारी के इनफैक्ट होने की पूरी इनफार्मेशन नहीं मिल पायी है लकिन अलग अलग डॉक्टर्स और रेसेअर्चेर्स का अपना अपना मत है, किसी का मानना है ये धूल डस्ट के कारण फ़ैल रहा है और किसी का कहना है की (स्टेरॉयइड ) कोरोना मरीजों की दी जाने वाली मेडिसन के ज्यादा उसे से भी हो सकता है।
कितनी खतरनाक है :-
एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल इससे ग्रस्त लोगो ने आँखों की रौशनी खो दी थी, कई मरोजो के तो एफ्फेक्टेड बॉडी पार्ट्स को इंफेक्शन बढ़ने की वजह से बॉडी से अलग तक करना पड़ा था ताकि इंफेक्शन को रोका जा सके, नाक, गले, और फेफड़े को सबसे पहले इफ़ेक्ट होता है क्युकी ये ही वो सेंसेटिव पार्ट्स है बॉडी के जो जल्दी ही इफ़ेक्ट हो जाते है। क्युकी ये फंगस हवा से ट्रैवल करता है। इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है की इसमें मरने वाले लोगो का अनुपात 50% तक है
ब्लैक फंगस के लक्षण :-
। आँखों मैं जलन होना।
२ चेहरे पर काले दाने होना।
३ सिर मैं दर्द होना।
४ नाक बंद होना।
५ छाती मैं दर्द होना।
६ चेहरे का सुन पड़ जाना।
(Source:- cleveland clinic)
इसका इलाज क्या है :-
इसके इलाज के लिए सबसे पहले तो ये पता होना बहुत जरुरी है, की लक्षण इसी बीमारी के है, क्युकी जितनी जल्दी ये पता चल जायेगा इलाज उतना ही आसान और असरदार होगा, क्युकी तभी कोई भी डॉक्टर उसकी मेडिसन सही तरीके से दे सकेगा और इन्फेक्शन को रोक सकेगा। जिसे फंगल थेरिपी भी कहा जाता है , अन्यथा कभी कभी तो मरीज़ की जान को बचने के लिए इन्फेक्टेड बॉडी पार्ट को शरीर से अलग भी करना पड़ जाता है।
कैसे अपने आप को बचा सकते है :-
कोशिश करे जितना हो सके डस्ट वाली जगह से दुरी बनाये, मास्क लगाए, हाथो को पूरा कवर करने वाले दस्ताने पहने।
सुरक्षा ही बचाव है।
नोट :- उपयुक्त इनफार्मेशन का आधार रिसर्च और न्यूज़ है, Letsdiskuss इसका पूरी तरह से न तो दवा करता है और नहीं जिम्मेदारी लेता है।

