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Ajay Paswan

Physical Education Trainer | पोस्ट किया | ज्योतिष


नवरात्री मे कलश रखने का क्या महत्व है ,और कलश रखने का सही महूर्त क्या है ?


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Content Writer | पोस्ट किया


आज से नवरात्रे शुरू हो गए है | आज से नौ दिन तक देवी आराधना के दिन है | वैसे तो भगवन की आराधना करने का कोई दिन नहीं होता | जब आप चाहो भगवन का पूजन अर्चना कर सकते है | पर फिर भी शाश्त्रो के अनुसार सभी भगवान् के लिए दिन निर्धारित किये गए है | और सबकी पूजा विधि भी अलग अलग है | जैसे अभी नवरात्रे शुरू हो गए है | 18 मार्च से 25 मार्च तक | ये नौ दिन नौ देवी की आराधना के लिए है ,जिसमे आप उनका पूजन हर दिन के अनुसार करते है |

देवी पूजन करने के लिए हम जो कलश स्थापित करते है उसका एक विशष महत्व होता है | जो लोग अपने घर में नवरात्रि का कलश-स्थापित करना चाहते है उनके लिए शुभ मुहूर्त 18 मार्च को प्रातः 07 बजकर 35 मिनट से लेकर 3 बजकर 35 मिनट तक रहेगा |  इस दौरान कलश स्थापना करना सबसे अच्छा होगा और शुभ होगा |

वसंत नवरात्रि में इस बार कई शुभ  संयोग बन रहे हैं | और एक बात बता दे आपको नवरात्रि के दिन से हिन्दू नव वर्ष प्रारम्भ होता है | इस दिन रविवार है साथ ही सिद्ध योग भी बन रहा है |इसका मतलब है  इस दिन जो दिन - वार होता उसका पुरे वर्ष भर राज रहता है | जैसा की आज रविवार है और रविवार का स्वामी सूर्य देव है तो इसका अर्थ हुआ इस वर्ष का राजा सूर्य है |

कलश स्थापना का महत्व  :-
हिन्दू शास्त्रों में किसी भी पूजन से पूर्व, गणेशजी की आराधना करना जरुरी होता है | माता की पूजा में कलश से संबन्धित एक मान्यता के अनुसार, कलश को भगवान विष्णु का प्रतिरुप माना गया है | और विष्णु भगवन का पूजन हर पूजा में विशष होता है | उनके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है , इसलिए सबसे पहले कलश का पूजन किया जाता है | कलश स्थापना करने से पहले पूजा स्थान को गंगा जल से शुद्ध किया जाना चाहिए | पूजा में सभी देवताओं आमंत्रित किया जाता है | उसके बाद पूजा शुरू होती है |


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