आपके जीवन के सबसे अच्छे पल कौनसा था ?
मेरे जीवन का सबसे अच्छा पल तब था ज़ब मै 12th क्लास मे बायोलॉजी सब्जेक्ट मे टॉप किया था मैंने बोर्ड एग्जाम मे 85%अंक प्राप्त किये थे, जिससे मेरा रिजल्ट देख कर मेरी मम्मी, दादी बहुत खुश हुयी थी। मेरी ज़िन्दगी का सबसे अच्छा पल वही था ज़ब मेरे रिजल्ट को देखकर सब खुश हुये थे और मम्मी ने मुझे 12th क्लास क्रॉस करने के बाद मोबाइल गिफ्ट किया था वो लम्हा मेरी लाइफ का सबसे यादगार पल रहेगा जिसको मै कभी नहीं भूल सकती हूँ।

मैं आज आपको यहां पर अपने जीवन का सबसे अच्छा पल कौन सा था शेयर करना चाहती हूं। दोस्तों यह बात तब की है जब मैं दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। मुझे हर वक्त इस बात की चिंता रहती थी कि मेरा रिजल्ट कैसे आएगा दोस्तों मैंने दसवीं कक्षा में इतनी मेहनत की थी कि मेरा रिजल्ट कितना अच्छा आया था कि जितनी मुझे उम्मीद भी नहीं थी दसवीं में मेरे 99 % आए थे, तब उस वक्त मेरी खुशी का कोई ठिकाना ना रहा मैं इतनी ज्यादा अपनी पूरी जिंदगी में कभी नहीं हुई थी यही वह पल था जब मैं सबसे ज्यादा खुश हुई थी।
मेरे जीवन का सबसे अच्छा पल वह था, ज़ब मै कॉलेज के फ़ास्ट ईयर मे थी और मुझे एक लडके से प्यार हो गया था, और वह लड़का भी मेरी ही क्लास मे था, वह लड़का कॉलेज का सबसे हैंडसम, स्मार्ट लड़का था, उसकी 2-3गर्लफ्रेंड थी मुझे ये बात पता थी कि उसकी गर्लफ्रेंड है फिर भी मै आपने आपको उससे प्यार करने से रोक नहीं पायी, और फिर कॉलेज का लास्ट दिन था। कॉलेज मे फेयरवॉल पार्टी थी,और मैंने उसको प्रोपोज़ कर दिया और उसने मेरे प्यार क़ो एक्सेप्ट कर लिया, यह मेरे जीवन का सबसे अच्छा पल था।
दोस्तों आज इस पोस्ट में आपको बताऊंगी की मेरे जीवन के सबसे अच्छे पल कौन से थे। तुम मेरे जीवन के सबसे अच्छे पल बचपन के थे जब मैं छोटी थी तो मुझे किसी बात की फिक्र नहीं रहती थी मुझे बस याद रहता था कि खाना खाना है और खेलना है। फिर उसके बाद मेरे जीवन के अच्छे पर स्कूल के फल से जिसमें मैं अपने दोस्तों के साथ स्कूल जाया करती थी और स्कूल में बहुत सी मस्ती करती थी।

मेरे जीवन का सबसे अच्छा पल वह था जब में छोटी बच्ची थी। जब मेरा बचपन चल रहा था। तब ना किसी बात की फिकर थी और ना जिंदगी में किसी बात का ग़म। रोज सुबह मेरी मम्मी मुझे स्कूल जाने के लिए उठती थी और में सच जाके अपने सारे दोस्तों से मिलती थी। हम अब साथ में खेल खेलते, पढ़ाई करते, और ढेर सारी बातें करते। स्कूल से आने के बाद मेरा हमेशा एक ही सवाल होता था कि आज खाने में क्या बना है और अगर मेरे पसंद की चीज बनती थी तो मेरा दिन बन जाता था। सच में वो दिन भोट ही अच्छे थे।





