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Jessy Chandra· 6 years ago
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आपके जीवन के सबसे अच्छे पल कौनसा था ?

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Answered on03/14/26

मेरे जीवन का सबसे अच्छा पल वह था जब में छोटी बच्ची थी। जब मेरा बचपन चल रहा था। तब ना किसी बात की फिकर थी और ना जिंदगी में किसी बात का ग़म। रोज सुबह मेरी मम्मी मुझे स्कूल जाने के लिए उठती थी और में सच जाके अपने सारे दोस्तों से मिलती थी। हम अब साथ में खेल खेलते, पढ़ाई करते, और ढेर सारी बातें करते। स्कूल से आने के बाद मेरा हमेशा एक ही सवाल होता था कि आज खाने में क्या बना है और अगर मेरे पसंद की चीज बनती थी तो मेरा दिन बन जाता था। सच में वो दिन भोट ही अच्छे थे।

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Random Facts Enthusiast
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Answered on10/09/22

मैं आज आपको यहां पर अपने जीवन का सबसे अच्छा पल कौन सा था शेयर करना चाहती हूं। दोस्तों यह बात तब की है जब मैं दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। मुझे हर वक्त इस बात की चिंता रहती थी कि मेरा रिजल्ट कैसे आएगा दोस्तों मैंने दसवीं कक्षा में इतनी मेहनत की थी कि मेरा रिजल्ट कितना अच्छा आया था कि जितनी मुझे उम्मीद भी नहीं थी दसवीं में मेरे 99 % आए थे, तब उस वक्त मेरी खुशी का कोई ठिकाना ना रहा मैं इतनी ज्यादा अपनी पूरी जिंदगी में कभी नहीं हुई थी यही वह पल था जब मैं सबसे ज्यादा खुश हुई थी।Article image

Krishna Patel
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Answered on08/01/23

दोस्तों आज इस पोस्ट में आपको बताऊंगी की मेरे जीवन के सबसे अच्छे पल कौन से थे। तुम मेरे जीवन के सबसे अच्छे पल बचपन के थे जब मैं छोटी थी तो मुझे किसी बात की फिक्र नहीं रहती थी मुझे बस याद रहता था कि खाना खाना है और खेलना है। फिर उसके बाद मेरे जीवन के अच्छे पर स्कूल के फल से जिसमें मैं अपने दोस्तों के साथ स्कूल जाया करती थी और स्कूल में बहुत सी मस्ती करती थी।

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V
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Answered on07/31/23

मेरे जीवन का सबसे अच्छा पल वह था, ज़ब मै कॉलेज के फ़ास्ट ईयर मे थी और मुझे एक लडके से प्यार हो गया था, और वह लड़का भी मेरी ही क्लास मे था, वह लड़का कॉलेज का सबसे हैंडसम, स्मार्ट लड़का था, उसकी 2-3गर्लफ्रेंड थी मुझे ये बात पता थी कि उसकी गर्लफ्रेंड है फिर भी मै आपने आपको उससे प्यार करने से रोक नहीं पायी, और फिर कॉलेज का लास्ट दिन था। कॉलेज मे फेयरवॉल पार्टी थी,और मैंने उसको प्रोपोज़ कर दिया और उसने मेरे प्यार क़ो एक्सेप्ट कर लिया, यह मेरे जीवन का सबसे अच्छा पल था।Article image

M
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Updated on10/05/18
ज़िंदगी को 4 पंक्ति में समेटना थोड़ा मुश्किल है | क्योकि ज़िंदगी में हर कोई इंसान 4 पल सूकून के हमेशा ढूढ़ता रहता है | जब उसको सूकून ही नहीं मिलता तो ज़िंदगी कैसे सिमट सकती है | फिर भी एक छोटी सी कोशिश है, कि शायद ज़िंदगी के कुछ पहलु समेट सकूं |

कुछ पहलु ज़िंदगी के :-

" जो ग़म दे वो ज़िंदगी
जो ग़म हर दम दे वो ज़िंदगी
जो सिर्फ तकलीफ भरा सफ़र ही न दे
जो साहिल भी दर्द सेभरा दे वो ज़िंदगी...."

Ramesh Kumar
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Answered on01/19/22

मेरे जीवन का सबसे अच्छा पल तब था ज़ब मै 12th क्लास मे बायोलॉजी सब्जेक्ट मे टॉप किया था मैंने बोर्ड एग्जाम मे 85%अंक प्राप्त किये थे, जिससे मेरा रिजल्ट देख कर मेरी मम्मी, दादी बहुत खुश हुयी थी। मेरी ज़िन्दगी का सबसे अच्छा पल वही था ज़ब मेरे रिजल्ट को देखकर सब खुश हुये थे और मम्मी ने मुझे 12th क्लास क्रॉस करने के बाद मोबाइल गिफ्ट किया था वो लम्हा मेरी लाइफ का सबसे यादगार पल रहेगा जिसको मै कभी नहीं भूल सकती हूँ।

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Mp

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Answered on05/06/20
आजकल जो वक़्त मेरे जीवन में चल रहा है मैं ussme सबसे ज़्यादा ख़ुश हूँ . काश ये जीवन यू ही गुज़र जाए
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Youth Lifestyle Writer
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Updated on04/28/26
इस दुनिया में अगर सबसे सर्वश्रेष्ठ की बात करो तो अरे करती ही सबसे सर्वश्रेष्ठ है कुदरत का करिश्मा ही सबसे अलग है और सबसे ज्यादा निराला भी है हर रोज एक नई सुबह होती है रोज रात होती है रोज दिन बदलते हैं महीने बदल जाते हैं फिर साल कभी जाते हैं पता ही नहीं चलता,
 
गर्मी का मौसम आता है सर्दी का मौसम आता है बारिश का मौसम आता है और बसंत का मौसम आता है सब आते हैं जाते हैं मगर इन्हीं के बीच में हम इंसानों की बात की जाए तो हम वहीं पर ही खड़े रहते हैं.बस कुदरत अपना काम करती जाती है. और देखते ही देखते हम बूढ़े हो जाते हैं पता ही नहीं चलता कब जवानी से बुढ़ापा आ गया क्योंकि हम आज के जमाने में इतने ज्यादा व्यस्त हो चुके हैं कि हमको खुद को पहचानने का भी मौका नहीं मिलता और जब बूढ़े हो जाते उसके बाद पछतावा होता है कि जिंदगी में हमने यह नहीं किया वह नहीं किया अब हमारे पास बहुत ही कम समय है.
ऐसा नहीं होना चाहिए जिंदगी के अंतिम समय में पछताना ही पड़ गया तो फिर जिंदगी जीने का क्या फायदा.
 
अपनी जिंदगी के सबसे अच्छे पलों की बात करूं तो मेरे लिए वह दिन बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण था जिस दिन मुझे इस जिंदगी की सच्चाई पता लगी मुझे इस दुनिया के स्वार्थी पन का पता चला मुझे यह पता चला कि जो यह प्यार होता है सिर्फ स्वार्थ से भरा होता है. वास्तव में इसका कोई मतलब नहीं होता प्यार किसी का भी हो मां का हो बाप का हो भाई का हो बहन का पत्नी का हो गर्लफ्रेंड का हो सब स्वार्थ से बढ़कर कुछ नहीं होता. मुझे हमेशा से ही कुछ नया जानने की उत्सुकता रहती थी मुझे धार्मिक पुस्तकें पढ़ने का बहुत शौक है. इन्हीं के बीच एक दिन मुझे गौतम बुध की एक कहानी यूट्यूब पर दिखती है और मैं उस कहानी को सुनने के लिए उत्सुक हो जाता हूं और जब मैं गौतम बुध की उस कहानी को सुनता हूं तो मैं हैरान रह जाता हूं आखिर ऐसे भी विचार कोई इंसान रखता होगा जो बिल्कुल गहराई में जाकर किसी बात को समझा रहा है और उस बात को अच्छी तरीके से मैं समझ भी रहा हूं जब कि मैंने धार्मिक पुस्तकें पढ़ी मुझे अभी तक किसी भी धार्मिक पुस्तक में कोई सच्चाई नहीं दिखी.क्योंकि उन सब में अंधविश्वास जो नहीं दिखता भगवान को लेकर बहुत ज्यादा बढ़ावा दिया गया है.
 
पहले तो यह पता होना चाहिए कि हम लोग हैं क्या ? भगवान को पाने के लिए हम को सबसे पहले अपने अंदर की अच्छाइयों और बुराइयों को निकालना पड़ता है गौतम बुध कि सिर्फ एक कहानी सुनने के बाद वह पूरा दिन मेरे लिए बहुत खास रहा मुझे इस दुनिया को जानने की जो उत्सुकता थी वह ज्यादा बढ़ गई. मैं उनके ज्ञान को लेकर बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ और मैं जैसा सोचता था ठीक उसी तरह ही उनकी शिक्षाएं भी निकली जिस वजह से मुझे और ज्यादा बल मिला.मुझे बहुत ज्यादा खास यह लगा के जब मैंने गौतम बुध की और ज्यादा कहानियों पर ध्यान दिया. बदलाव इस बात को लेकर भी आया कि एक अच्छा इंसान बनने के लिए हमको कुछ पाना नहीं होता है बल्कि खोना होता है. उनकी जीवनी को और ज्यादा करीब से जानना चाहा तो मुझे इस दुनिया की बहुत सी सच्चाईयों का पता चला चला क्योंकि यह दुनिया केवल झूठ पर टिकी हुई है जितना मन मर्जी धन कमा लो वह भी कम लगेगा इच्छाएं कभी खत्म नहीं होती हम इंसान खत्म हो जाते हैं. इस दुनिया में कोई भी अपना नहीं होता जो इंसान आया है वह एक न एक दिन चला ही जाएगा. गौतम बुद्ध की शिक्षाओं से प्रभावित होकर मैंने इस दुनिया के बहुत से सच को जान लिया है मेरे लिए वह दिन बहुत ही खास रहा जिस दिन मुझे गौतम बुध किए कहानी यूट्यूब पर मिली और वह दिन मुझे बहुत ही अच्छा भी लगता है. उस दिन को मैं बहुत ही खास दिन समझता हूँ. उस यूट्यूब चैनल का नाम "हैप्पीनेस इज माय इंटेंशन" है

 

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