क्या आप जानते हैं कि भारत के किस राज्य के गांव से सबसे ज्यादा आईएएस ऑफिसर बने हैं, नहीं जानते होंगे तो चलिए आज मैं आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताती हूं कि भारत के किस राज्य के गांव में सबसे ज्यादा आईएएस ऑफिसर बने हैं, भारत का एक ऐसा गांव है जो up के माधव पट्टी गांव के नाम से जाना जाता है वहां के लोग सबसे ज्यादा आईएएस ऑफिसर और आईपीएस ऑफिसर बने हैं। उत्तर प्रदेश के जौनपुर के छोटे से गांव माधोपट्टी (Madhopatti) ने सफलता की एक नयी किताब लिखी है जहां 75 परिवारों ने देश को कुल 47 सिविल सेवा अधिकारी दिए हैं। जहां दिल्ली जैसे महानगर सिविल सर्विस की तैयारी के लिए मशहूर हैं वहीं माधोपट्टी भी पूरी तरह दिल्ली को टक्कर देने के लिए तैयार है। यूपीएससी यानी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है।जिसकी तैयारी करने में परीक्षार्थी दिन रात एक कर देता है। यह एक ऐसी परीक्षा है जहां परीक्षार्थी लिखनी और पर्सनालिटी दोनों की जांच होती है।
भारत के किस गांव से सबसे ज्यादा आईएएस अफसर बने है?
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आइए दोस्तों आज हम आपको बता रहे है की भारत के एक ऐसे गांव के बारे में जहां सबसे ज्यादा लोग आईएएस अफसर बने है।। भारत का एक ऐसा गांव है जो यूपी के माधोपट्टी गांव के नाम से जाना जाता है वहां के लोग सबसे ज्यादा आईएएस और आईपीएस अफसर बने हैं।आईएएस बनने के लिए काफी ज्यादा कड़ी मेहनत की जाती है और रात दिन एक कर देते हैं माधोपट्टी गांव के 75 परिवारों ने देश में कुल 45 सिविल सेवा अधिकारी बनने की प्राप्ति की है.।.jpeg&w=640&q=75)
हमारे भारत देश का एक ऐसा गांव है जहां पर सबसे ज्यादा आईएएस अफसर बने हैं उस गांव का नाम है। यह गांव उत्तर प्रदेश के जौनपुर के छोटे का एक छोटा सा गांव है उस गांव का नाम है माधोपट्टी इस गांव ने सफलता की एक नई खिताब हासिल की है। इस गांव में कुल मिलाकर 75 परिवार है जिनमें से 47 लोग सिविल सेवा अधिकारी है। माधोपट्टी पूरी तरह से दिल्ली को टक्कर देने के लिए तैयार है। क्योंकि आई ए एस एक बहुत ही कठिन परीक्षा मानी जाती है। लेकिन यहां के बच्चे इतने होनहार हैं कि वे इस कठिन परीक्षा को अपने बलबूते ही पास कर लिए हैं। आज इनका नाम पूरे विश्व में चर्चा में है।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के माधोपट्टी गांव को अक्सर “आईएएस फैक्ट्री” कहा जाता है। कहा जाता है कि इस छोटे से गांव से कई आईएएस और आईपीएस अधिकारी निकले हैं। गांव की आबादी कम होने के बावजूद यहां शिक्षा का स्तर काफी अच्छा माना जाता है।
बुजुर्ग बताते हैं कि एक समय ऐसा था जब लगभग हर घर से कोई न कोई सरकारी अधिकारी बनने की तैयारी करता था। यहां बच्चों को बचपन से ही पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जाता है। हालांकि अब दूसरे गांव और शहर भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन माधोपट्टी की पहचान आज भी कायम है। यह गांव साबित करता है कि अच्छी शिक्षा और माहौल किसी भी जगह को खास बना सकते हैं।
भारत में सबसे ज्यादा आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अफसर देने वाला गांव माधोपट्टी (Madho Patti) है।
यह गांव उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित है। माधोपट्टी से जुड़ी कुछ खास बातें निम्नलिखित हैं:
- अफसरों का गांव: इस छोटे से गांव में लगभग 75 परिवार रहते हैं, लेकिन यहां से अब तक 50 से भी ज्यादा प्रशासनिक अधिकारी (IAS, IPS, IFS, PCS) निकल चुके हैं।
- अनोखा रिकॉर्ड: इस गांव के एक ही परिवार के 4 सगे भाई आईएएस अधिकारी बने हैं, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।
- ऐतिहासिक शुरुआत: यहां अफसरों बनने का सिलसिला ब्रिटिश काल से ही शुरू हो गया था। साल 1914 में मुस्तफा हुसैन इस गांव के पहले अधिकारी बने थे। आजादी के बाद 1952 में डॉ. इंदु प्रकाश सिंह ने यूपीएससी में दूसरी रैंक हासिल कर इस परंपरा को आगे बढ़ाया।
- अन्य उपलब्धियां: सिर्फ सिविल सेवा ही नहीं, इस गांव के युवा इसरो (ISRO), भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर और वर्ल्ड बैंक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि इस गांव में कोई बड़ा कोचिंग सेंटर या लाइब्रेरी नहीं है; यहां की सफलता का मुख्य कारण वहां की शिक्षा के प्रति जागरूकता और बड़ों द्वारा छोटों का मार्गदर्शन (Mentorship) करना है।




