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Health & Beautyघेंघा रोग किस ग्रंथि के बढ़ने के कारण हो...
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| Updated on November 7, 2022 | health-beauty

घेंघा रोग किस ग्रंथि के बढ़ने के कारण होता है?

3 Answers
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@setukushwaha4049 | Posted on November 4, 2022

घेंघा रोग शरीर में आयोडीन की कमी या थायराइड ग्रंथि के बढ़ने के कारण होता है। थायराइड ग्रंथि तितली के आकार की होती है,जो गर्दन के अंदर कॉलरबोर्न के ऊपर थायराइड ग्रंथि स्थिति होती है।घेघा रोग होने के कारण गर्दन मे दर्द होता है लेकिन थायराइड ग्रंथि का आकार बढ़ने के कारण खांसी आने लगती है, सांस लेने मे दिक्कत होना, खाना खाने, पानी पीने मे दिक्क़त होती थी ऐसा इसलिए होता था,क्योकि गले मे सूजन होने के कारण होता था।

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@vandnadahiya7717 | Posted on November 5, 2022

दोस्तों आप नें घेंघा रोग सुना ही होगा पर क्या आप जानते हैं कि घेंघा रोग किस ग्रंथि के बढ़ने के कारण होता है। चलिए हम आपको बताते हैं। तो घेंघा रोग थायराइड ग्रंथि के बढ़ने या आयोडीन की कमी के कारण होता है। थायराइड में सूजन होने से गले में दबाव पड़ता है। जिसके कारण खांसी, गाले में घरघाराहट,सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। जब शरीर में आयोडीन की मात्रा में कमी होती है तो थायराइड ग्रंथि आयोडीन की कमी पूरी करने के लिये बढ़ने लगती है। जिससे घेंघा रोग होता है।

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@krishnapatel8792 | Posted on November 6, 2022

घेंघा रोग जिसे अंग्रेजी में Goiter कहते हैं। यह रोग किसी भी महिला या पुरुष को हो सकता है। और किसी भी उम्र में हो सकता है तो चलिए जानते हैं कि आखिर यह घेंघा रोग किस ग्रंथि के बढ़ने के कारण होता है। दोस्तों घेघा का रोग आयोडीन की कमी के कारण होता है या थायरॉयड ग्रंथि के बढ़ने के कारण हो सकता है। घेंघा रोग होने पर गले के नीचे फूला हुआ दिखाई देता है। इसके अलावा घेंघा रोग गले में सूजन होने के कारण उत्पन्न हो जाता है। घेंघा रोग होने पर खाँसने में दिक्कत होती है।Article image

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