पल्स स्वास्थ से सम्बंधित होता है, इसकी सहायता से यह पता चलता है कि दिल की धड़कन एक मिनट में कितनी बार धड़कती है | जब इंसान का दिल धकड़ता है तभी पल्स में प्रेशर बनता है जिससे पल्स या नब्ज चलती है | हर व्यक्ति की पल्स रेट अलग-अलग होती है और अक्सर आराम के समय पल्स रेट कम होती है जबकि मेहनत वाले काम को करने के बाद या किसी भी एक्सरसाइज के समय प्लस रेट बहुत तेज़ हो जाती है।
उम्र के हिसाब से कितनी पल्स रेट होनी चाहिए -
1 महीने तक - 70 से 190
1 से 11 महीने तक - 80 से 160
1 से 2 साल - 80 से 130
3 से 4 साल - 80 से 120
5 से 6 साल - 75 से 115
7 से 9 साल - 70 से 110
10 साल से अधिक - 60 से 100
पल्स रेट ज्यादा हो जाने पर क्या करें -
- तनाव और चिंता को अपने जीवन से दूर करें |
- चॉकलेट, चाय और कॉफी से जितना हो सके दूर रहें |
- तम्बाकू जैसे पदार्थ और शराब के सेवन से दूर रहें |
(Courtesy : Best News Portal )
