भारत की अभी तक कोई उप राजधानी नहीं बनी है लेकिन इस बात पर चर्चाएं चल रही है कि हम सभी के सोच के अनुसार भारत की एक उप राजधानी होनी चाहिए इससे किसी प्रदेश या किसी शहर का विकास जरूर होगा। इस समय इस विषय पर चर्चाये चल रही है कि नागपुर, हैदराबाद तथा भोपाल मे से किसी एक को उप राजधानी घोषित कर दिया जाये लेकिन अब कुछ तय नहीं हुआ है सिर्फ चर्चाये चल रही है।
यदि किसी शहर को उप राजधानी बना दिया जाये है, तो उस शहर मे बहुत सी चीज़ो का विकास होगा :-
आइये जानते है कि उन बिन्दुओ के बारे मे बात करते है जिनकी चर्चा कर सकते है -
यदि भारत की उप राजधानी यदि बन जाये तो उस शहर मे बहुत सी चीज़ो का विकास हो जायेगा। जो देश पहले से ही विकसित है वहां पर हर एक चीज़ो की सुख सुविधा उपलब्ध होती है। लेकिन जिन शहरों की कोई उप राजधानी अभी तक नहीं बनी वहां पर बहुत ही कम चीजे उपलब्ध होती है।
ऐसे मे सभी को उन शहरो की उप राजधानी बनाना चाहिए क्योंकि उन शहरो के बारे बैठ कर सोचना चाहिए जिन शहरो मे किसी प्रकार की सुविधाएं नहीं है जैसे - लाइट पानी कोई, रोड लाइट सुविधाएं होनी चाहिए।
कहने का मतलब है कि जो शहर पूरी तरह से अविकसित है, उन जगहों को लोग बिल्कुल पंसद नहीं करते है क्योंकि जहाँ पर विकास होता है उन जगहों पर हर चीज़े आसानी से मिल जाती है उन शहरों को लोग ज्यादा पंसद करते है क्योंकि विकसित शहर पूरी तरह से एक नया शहर बन जाता है। लेकिन जो शहर पूरी तरह से विकसित हो जाते है उन शहरो पर बहुत ज्यादा बिना मतलब का खर्चा होने लगता है। कह सकते है कि जो शहर पूरी तरह से विकसित होते है उन शहरो पर भारी मात्रा मे अनावश्यक तरीके से पूँजी का निवेश भी होता है।
हमारा भारत खतरों से लड़ रहा है जो आज भी उन विदेशी शहरों से उनको खतरा उत्पन्न हो रहा है।विदेशियों की वजह से भारत मे रह रहे लोगो कितना कुछ भोगना पड़ता था, क्योंकि जो भी जितने रिस्क काम विदेश व्यक्तियो द्वारा किये जाते थे उसका खतरा भारत पर उत्पन्न होता था कहने का मतलब की विदेश शहरों रह रहे लोग भारत को अपना मुहरा बनाते थे जितने बहुत रिस्क वाले काम करते थे भारत को खतरा उठाना पड़ता था।
