आज हम चर्चा करने वाले हैं कि गुर्जरों की कुलदेवी कौन और कहां स्थित है। आज भी ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें मालूम नहीं है कि गुर्जर कौन है तो चलिए मैं आपको सबसे पहले बताती हूं कि आखिर गुर्जर होते कौन है।
गुर्जर कौन है मैं आपको बताती हूं:-
दोस्तों वर्तमान समय में गुर्जर को अन्य नामों से भी जाना जाता है जैसे की गूजर, गोजर,और ग़ुज्जर आदि नाम से जाना जाता है। मैं आपको बता दूं कि गुर्जर प्राचीन समाजों में से एक है।दोस्तों गुर्जर समाज के लोग पाकिस्तान,अफ़गानिस्तान और उत्तर भारत में बसे हुए हैं।दोस्तों गुर्जर हिंदू,मुस्लिमऔर सिख सभी धर्म के होते हैं।
चलिए अब हम आपको बताते हैं कि गुर्जर की कुलदेवी कौन है और कहां स्थित है:-
दोस्तों गुर्जर समाज के लोग मां चामुंडा की पूजा करते हैं। और उनकी कुलदेवी भी मां चामुंडा ही है। मैं आपको बता दूं कि गुर्जरों का मूल निवास स्थान राजस्थान है और राजस्थान में हिंदू गुर्जर रहते हैं। यही वजह है कि यहां के लोग मां चामुंडा को अपनी कुलदेवी मानते हैं और उनको प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा करते हैं। राजस्थान में मां चामुंडा की सबसे प्रसिद्ध मंदिर भी स्थापित है।
इसके अलावा दुनिया भर में मां चामुंडा के कई सारे मंदिर हैं। जहां पर सभी गुर्जर अपने कुलदेवी की पूजा करते हैं। दोस्तों हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा जिले में मां चामुंडा की मंदिर स्थापित है जिसे सबसे अधिक और विख्यात मंदिर माना जाता है यदि गुर्जरों के मंदिरों का नाम लिया जाता है तो सर्वप्रथम कांगड़ा में स्थित मंदिर का नाम आता है। क्योंकि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के नाम से जाना जाता है। यदि हिमाचल प्रदेश के जिलों की बात की जाए तो हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत जितने भी जिले आते हैं और जितने भी गुर्जर निवास करते हैं सभी लोग अपने-अपने कुलदेवी की पूजा करते हैं और उन्हें प्रसन्न भी करते हैं।
