16 जून 2023 आखिर वो दिन आ ही गया जब सिनेमा घरों में आदिपुरुष फिल्म लग गई है| वैसे इसके ट्रेलर को देख कर थोड़ा बहुत ये तो समझ आ ही गया था कि ये फिल्म कैसी होगी, लेकिन फिर भी लोग इसका इन्तजार कर रहे थे| और जब ये फिल्म सिनेमा घरों में आई तो फिल्म ने लोगों को बहुत ज्यादा निराशा हुई|
कुछ लोगों का कहना तो ये है कि इस फिल्म को अगर हनुमान जी देख लें तो न जाने वो क्या ही सोचेंगे| इस फिल्म में साफ़ साफ़ भगवान का मजाक बना दिया है| इस फिल्म में राम का किरदार निभाने वाले प्रभास को भी ज्यादा नहीं सराहा गया| और इस फिल्म में बहुत सारे एनीमेशन का प्रयोग किया है जिससे इस पूरी रामायण का सत्यानाश ही हो गया|
रामायण पर आधारित यह फिल्म अपने डायलॉग, अपनी भाषा और अपने किरदारों को लेकर काफी विवादों में आ गई है| इतना ही नहीं सबसे ज्यादा विवाद इसके डायलॉग को लेकर ही हो रहा है| जिसके कारण कई सारे संगठनों ने इस आपत्ति जताई है| इसलिए यह फिल्म रिलीज होने से पहले ही विवादों से घिर गई थी|
ऐसा तो होना ही था, क्योंकि इस फिल्म में जिन जिन चीज़ों को दिखाया गया है उन्हें देख कर तो कोई कह नहीं सकता कि ये फिल्म रामायण पर आधारित है| कहते हैं न सिर्फ कहानी होना या नाम होना ही किसी किरदार या संस्कृति को नहीं दर्शाता बल्कि अपनी संस्कृति उस कहानी और किरदार में दिखनी चाहिए|

जो कि इस फिल्म में कहीं दिखाई नहीं दे रही| कई फिल्मों कि स्टोरी नहीं चलती लेकिन उस फिल्म के सोंग पूरी फिल्म में काम कर जाते हैं| लेकिन यहाँ ऐसा भी नहीं है क्योंकि इस फिल्म के संगीत और इसके गीतों के साथ भी फिल्म आदिपुरुष विवादों में आ गई है| इस तरह की कथाओं में जो ठहराओ और सरलता होनी चाहिए वो कहीं भी देखने नहीं मिल रही|
ऐसी कई सारी बातें हैं जो इस फिल्म के हिसाब से बिलकुल भी सही नहीं लग रही हैं| एक तरफ तो राम के भक्त लोग भगवा रंग पहनकर इसका प्रचार कर रहे हैं तो दूसरी तरफ रामायण के नाम पर ऐसी फिल्मों को बना कर अपनी संस्कृति का मजाक बना रहे हैं| कहा जाता है कि रामायण का मुख्य उद्देश्य धरती में फैले पाप को कम करने के लिए था|
लेकिन आदिपुरुष को देख कर तो ऐसा लगा कि पता नहीं इसमें चल क्या रहा है| कहीं राम सीता के रोमांस को दिखाया गया| राम सीता को वनवास भेजा गया जहां उन्हें कई सारी परेशानियां हुई होगी| अब कोई किसी को जंगल में रहने को कहेगा तो उसको ख़ुशी थोड़ी होगी| परन्तु इस फिल्म में तो राम सीता के किरदार अपनी अलग ख़ुशी में है|
ऐसा न हो कलयुग कि इस रामायण को देख कर लोगों के मन में जंगल जाकर रहने की इच्छा ज़ाहिर हो जाये| और वो भी अपना घर बार छोड़ कर जंगल की तरफ प्रस्थान करें| देखिये अगर इस फिल्म को देख कर किसी के मन में इस प्रकार का विचार बन रहा हो तो इस विचार को पूरी तरह छोड़ दें| क्योंकि यह सिर्फ फिल्म है सच्चाई नहीं|
मेरा इस फिल्म को लेकर विचार सिर्फ इतना है कि इस फिल्म में न सिर्फ राम सीता के नाम को ख़राब किया बल्कि इस फिल्म ने अपनी संस्कृति का भी मजाक बनाया है| इसलिए हम इस फिल्म को सिर्फ 1 स्टार ही देंगे, बेशक इसके किरदारों ने काफी मेहनत की होगी लेकिन फिर भी इस फिल्म को इससे ज्यादा रेट नहीं दिया जा सकता|







