आमलकी एकादशी व्रत का क्या महत्व है ? - Letsdiskuss
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Aditya Singla

Marketing Manager (Nestle) | पोस्ट किया 16 Mar, 2019 |

आमलकी एकादशी व्रत का क्या महत्व है ?

पंडित दयाराम शर्मा

Astrologer,Shiv shakti Jyotish Kendra | पोस्ट किया 16 Mar, 2019

हिन्दू धर्म में 24 एकादशी आती है | हर महीने में 2 एकदशी आती है जिनका अपना अलग महत्व होता है | आज हम आमलकी एकादशी व्रत के महत्व के बारें में जानते हैं | इस आमलकी एकादशी 17 मार्च को मनाई जा रही है | इसको अमला एकादशी भी कहा जाता है | यह फाल्गुन के शुक्ल पक्ष में आती है |


इस व्रत को करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी से वरदान प्राप्त होता है | यह व्रत मुख्यतः माँ अपने बच्चों की उन्नति के लिए रखते हैं | साथ ही इस व्रत के दिन विष्णु भगवान का पूजन स्वर्ग और मोक्ष की प्राप्ति करवाता है | फाल्गुन के शुक्ल पक्ष को पुष्य नक्षत्र में आने वाली एकादशी का व्रत बहुत ही श्रेष्ठ माना जाता है और इसे ही आमलकी एकादशी कहा जाता है |

(courtesy : वेबदुनिया )

इस दिन क्या करें :-
इस व्रत को लोग अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए रखते हैं | इस दिन मंदिर जाना चाहिए गाय को भोजन खिलाना चाहिए | किसी के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार न करें और न ही किसी को अपशब्द कहें | आप चाहें तो किसी विशेष उद्देश्य के तहत इस व्रत को ले सकते हैं |

पूजा विधि :-
- जैसा कि ग्यारस को एकादशी कहा जाता है | तो जो लोग इस व्रत को करते हैं या करना चाहते हैं उनको एकादशी की सुबह जल्दी उठकर स्नान कर के भगवान विष्णु की मूर्ति के नीचे पूजन वाली काली तिल, कुशा, कुछ पैसा , और जल लेकर संकल्प करें |

- आवलें के वृक्ष की पूजा करें जहां पर आप आवलें के पेड़ के पास सफाई करें और उसके बाद पेड़ की जड़ के पास आटे और
हल्दी से चौक (रंगोली) बनाकर उस पर कलश रखें |

- उसका पूजन करें और हल्दी की गांठें और किसमिश जरूर चढ़ाएं |

- पीले फूल चढ़ाएं और घी का दीपक जलाकर आरती करें |

- अगले दिन ब्राह्मण को भोजन करवाएं और अपने व्रत की सफलता के लिए भगवान विष्णु से सच्चे ह्रदय से अपनी मनोकामना पूरी होने के लिए कामना करें |

- जब तक आपका पूजा समाप्त नहीं होता तब तक ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करते रहें |
आपकी पूजा जरूर सफल होगी |

(Courtesy : Navodaya Times )