कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। गौरव वल्लभ ने कांग्रेस छोड़ने का पीछे कारण बताया है कि जिस तरह से कांग्रेस पार्टी दिशाहीन होकर आगे बढ़ती जा रही है,मै स्वयं को सहज महसूस नहीं कर पा रहा हूँ । मै कांग्रेस पार्टी के दिशाहीन होने के कारण न तो सनातन धर्म के विरोधी होने के नारे भी नहीं लगा सकता हूं और न ही मै देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली भी नहीं दे सकता हूँ । इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी के पद से इस्तीफा दे रहा हूँ और भाजपा पार्टी मे शामिल होने जा रहा हूँ।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखते हुए गौरव वल्लभ ने पत्र मे 'नमस्कार! मै बहुत भावुक हूं। मै आपसे बहुत कुछ बोलना चाहता हूं, बहुत कुछ लिखना चाहता हूं। आपसे कांग्रेस पार्टी के बारे मे बहुत बताना चाहता हूं, मैं आज अपनी बातों को आपको पत्र के माध्यम से बताना चाहता हूं, क्योंकि सच को छिपाना बहुत ही बड़ा अपराध होता है और मैं सच को छिपाकर जीवनभर खुद की नज़रो मे शर्मिंदिगी महसूस नहीं करना चाहता हूँ।
गौरव वल्लभ ने पत्र मे लिखा कि महोदय, मैं कांग्रेस का वित्त प्रोफेसर हूं। कांग्रेस पार्टी की सदस्यता पाने के लिए पार्टी के सदस्यों ने राष्ट्रीय प्रवक्ता बना लिया है, लेकिन पिछले कई दिनों से पार्टी के स्टैंड से मै खुद को अच्छा महसूस नहीं कर पा रहा हूं। जब मैंने शुरू मे कांग्रेस पार्टी मे शामिल हुआ था किया तब मुझे लगता था कि कांग्रेस देश की सबसे अच्छी और पुरानी पार्टी है। कांग्रेस पार्टी युवाओ , बौद्धिक व्यक्तियों का मान -सम्मान नहीं करती है, लेकिन पिछले कुछ सालो से मुझे ऐसा लगने लगा है कि कांग्रेस पार्टी का मौजूद सदस्य नए वर्ग के युवाओं को अरजेस्ट कर पाना कांग्रेस पार्टी को मुश्किल पड़ रहा है। कांग्रेस पार्टी का ग्राउंड लेवल कनेक्ट टूटने के कगार पर आ गया है काँग्रेस पार्टी भारत की आकांक्षा को थोड़ा सा भी नहीं समझ पा रही है। जिस वजह से कांग्रेस पार्टी सत्ता मे नहीं आ पा रही और न ही विपक्ष दल की भूमिका निभाने मे असमर्थ है,जिस कारण से बड़े नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बात नहीं बन पा रही है,काँग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता अपने नेता को अच्छे सुझाव नहीं पाते है। ये सब चीजे गौरव वल्ल्भ ने पत्र मे लिखते हुए पूरी बाते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बताया और उन्होंने यह भी लिखा कि मै कांग्रेस पार्टी को छोड़कर (इस्तीफा ) भाजपा पार्टी ज्वाइन करने जा रहा हूँ।
.





