सत्ता से काफी साल दूर रहने के बाद 2014 में बीजेपी को केंद्र में सत्ता मिली। यह और बात है की उसे के नेताओ ने झूठे वादे किये थे और उन में से ज्यादातर वो निभा नहीं पाए। सोशल मीडिया में अलग अलग जुमले देकर सत्ता प्राप्ति हो सकती है इसका जीता जगता उदाहरण 2014 के चुनाव थे।
ऐसा कहा जाता है की भारतीय प्रजा की याददाश्त बहुत कमजोर है और इसी के चलते नेता कोई भी वादे करते है जिन्हे सत्ता में आने के बाद बखूबी भुला दिया जाता है। पिछले चुनाव में इस पार्टी का स्लोगन था अच्छे दिन आएंगे पर वो सिर्फ एक जुमला ही साबित हुआ।
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राफेल डील में घोटाले के मसले को लेकर कांग्रेस ने चौकीदार चोर है का नारा दिया जो की अच्छा चल गया और बीजेपी बैकफुट में आने को मजबूर हो गई। अब उस के मीडिया सेल ने मैं भी चौकीदार का स्लोगन दिया है और उसे हर मेहनती इंसान के साथ जोड़ने की कोशिश की है। हालांकि अब लोग समज चुके है की यह भी एक चुनावी जुमला ही है और इसीलिए उस को सोशल मीडिया में इतना इम्पोर्टेंस नहीं मिल रहा। वैसे बीजेपी मीडिया सेल की यह कोशिश जरूर अच्छी है पर नतीजे तक पहुंचने के लिए यह चाल कितनी कामियाब होती है यह तो वक्त ही बताएगा।
वैसे अब प्रजा इन चालो को समज चुकी है और इसीलिए ऐसे स्लोगन पर चुनाव जीतने की उम्मीद नहीं की जा सकती।