कारक क्या है,ये कितने प्रकार के होते है? - letsdiskuss
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Trishna Dhanda

Blogger | पोस्ट किया | शिक्षा


कारक क्या है,ये कितने प्रकार के होते है?


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संज्ञा अथवा सर्वनाम के जिस रूप से उसका सम्बंध क्रिया से जाना जाए उसे कारक कहते है। कारक आठ प्रकार के होते हैं। ये निम्नलिखित है - 
1. कर्ता - क्रिया को जो करता है वो कर्ता कारक है ।
2. कर्म - जिस काम को किया जाता है वह कर्म कारक है।
3. करण - जिसकी सहायता से क्रिया की जाए वह करण कारक है।
4. समप्रदान - कर्ता जिसके लिये कार्य करता है , या जिसको कुछ दिया जाये वह सम्प्रदान कारक है ।
5. अपादान- जिस रूप से एक वस्तु का दूसरे से अलग होना पाया जाता है वह अपादान कारक है।
6. सम्बन्ध- जिस रूप से क्रिया का सम्बंध दूसरे संज्ञा या सर्वनाम से पता चलता है वह सम्वंध कारक है।
7. अधिकरण- क्रिया के होने के स्थान को अधिकरण कारक कहते है।
8. सम्बोधन - जिस रूप से किसी को सम्बोधन करना, पुकारना, बुलाना या सचेत करने का भाव हो वह सम्बोधन कारक है। 
हर एक कारक उनके विभक्ति चिन्ह से जाने जाते है - जैसे 
कर्ता - ने
कर्म - को
करण- से
समप्रदान - के लिये
अपादान - से ( अलग होना)
सम्बन्ध - का, के, की, र, रे ,री, ना, ने, नी 
अधिकरण- मे, पर
सम्बोधन - हे! ओ! अहो! अरे!

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