Loading image...
Loading image...
कारक -संज्ञा या फिर सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य का सम्बन्ध होता है, या किसी दूसरे शब्द के नाम के साथ जाना जुडा होता है उसे कारक कहा जाता है।
कारक के प्रकार -
कारक मुख्य रूप से 3 प्रकार का होता है -
1.कर्ता कारक
2. कर्म कारक
3.करणकारक
1.कर्ता कारक-
संज्ञा के जिस रूप मे क्रिया के करने का बोध होता है , उसे कर्ता कारक कहा जाता हैं।
जैसे-
राम ने पुस्तक पढ़ी।
2.कर्म कारक -
संज्ञा के जिस रूप मे क्रिया का प्रभाव पड़ता है, उसे कर्म कारक कहा जाता है।
जैसे -
मीना पुस्तक पढ़ रही है।
3. करण कारक -
जिस साधन से या जिसके द्वारा क्रिया पूरी की जाती है, उस संज्ञा को करण कारक कहा जाता हैं।
जैसे -
हिमांशु गाड़ी चला रहा है।Loading image...
आज हम आपको इस आर्टिकल में कारक क्या है और इसके कितने प्रकार होते हैं पूरी जानकारी देंगे सबसे पहले कारक की परिभाषा जानते हैं इसके बाद इसके कितने प्रकार होते हैं इसके बारे में चर्चा करेंगे।
कारक की परिभाषा:- संज्ञा या सर्वनाम जिस रूप से वाक्य का संबंध किसी दूसरे शब्दों से होता है उसे ही हम हिंदी में कारक कहते हैं।
कारक के प्रकार:-
दोस्तों कारक चार प्रकार के होते हैं
1 पहले नंबर पर आता है कर्ता कारक
2 दूसरे नंबर पर आता है कर्म कारक
3 तीसरे नंबर पर आता है करण कारक
4 और चौथे नंबर पर आता संप्रदान कारक।
Loading image...