कारक क्या है,ये कितने प्रकार के होते है?

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| Updated on June 1, 2023 | Education

कारक क्या है,ये कितने प्रकार के होते है?

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@kavitharaman5464 | Posted on July 9, 2021

संज्ञा अथवा सर्वनाम के जिस रूप से उसका सम्बंध क्रिया से जाना जाए उसे कारक कहते है। कारक आठ प्रकार के होते हैं। ये निम्नलिखित है -
1. कर्ता - क्रिया को जो करता है वो कर्ता कारक है ।
2. कर्म - जिस काम को किया जाता है वह कर्म कारक है।
3. करण - जिसकी सहायता से क्रिया की जाए वह करण कारक है।
4. समप्रदान - कर्ता जिसके लिये कार्य करता है , या जिसको कुछ दिया जाये वह सम्प्रदान कारक है ।
5. अपादान- जिस रूप से एक वस्तु का दूसरे से अलग होना पाया जाता है वह अपादान कारक है।
6. सम्बन्ध- जिस रूप से क्रिया का सम्बंध दूसरे संज्ञा या सर्वनाम से पता चलता है वह सम्वंध कारक है।
7. अधिकरण- क्रिया के होने के स्थान को अधिकरण कारक कहते है।
8. सम्बोधन - जिस रूप से किसी को सम्बोधन करना, पुकारना, बुलाना या सचेत करने का भाव हो वह सम्बोधन कारक है।
हर एक कारक उनके विभक्ति चिन्ह से जाने जाते है - जैसे
कर्ता - ने
कर्म - को
करण- से
समप्रदान - के लिये
अपादान - से ( अलग होना)
सम्बन्ध - का, के, की, र, रे ,री, ना, ने, नी
अधिकरण- मे, पर
सम्बोधन - हे! ओ! अहो! अरे!

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@setukushwaha4049 | Posted on May 30, 2023

कारक -संज्ञा या फिर सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य का सम्बन्ध होता है, या किसी दूसरे शब्द के नाम के साथ जाना जुडा होता है उसे कारक कहा जाता है।

कारक के प्रकार -

कारक मुख्य रूप से 3 प्रकार का होता है -

1.कर्ता कारक
2. कर्म कारक
3.करणकारक

1.कर्ता कारक-
संज्ञा के जिस रूप मे क्रिया के करने का बोध होता है , उसे कर्ता कारक कहा जाता हैं।

जैसे-
राम ने पुस्तक पढ़ी।

2.कर्म कारक -
संज्ञा के जिस रूप मे क्रिया का प्रभाव पड़ता है, उसे कर्म कारक कहा जाता है।

जैसे -
मीना पुस्तक पढ़ रही है।

3. करण कारक -

जिस साधन से या जिसके द्वारा क्रिया पूरी की जाती है, उस संज्ञा को करण कारक कहा जाता हैं।

जैसे -

हिमांशु गाड़ी चला रहा है।Loading image...

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@krishnapatel8792 | Posted on June 1, 2023

आज हम आपको इस आर्टिकल में कारक क्या है और इसके कितने प्रकार होते हैं पूरी जानकारी देंगे सबसे पहले कारक की परिभाषा जानते हैं इसके बाद इसके कितने प्रकार होते हैं इसके बारे में चर्चा करेंगे।

कारक की परिभाषा:- संज्ञा या सर्वनाम जिस रूप से वाक्य का संबंध किसी दूसरे शब्दों से होता है उसे ही हम हिंदी में कारक कहते हैं।

कारक के प्रकार:-

दोस्तों कारक चार प्रकार के होते हैं

1 पहले नंबर पर आता है कर्ता कारक

2 दूसरे नंबर पर आता है कर्म कारक

3 तीसरे नंबर पर आता है करण कारक

4 और चौथे नंबर पर आता संप्रदान कारक।

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