Asked 7 years ago

भाई दूज का क्या महत्व है ?

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आज हम आपको इस आर्टिकल में भाई दूज का महत्व बताते हैं - भाई दूज कातिक मास के शुक्ल पक्ष के द्वितीय तिथि को मनाए जाने वाला एक हिंदू का पर्व है जिसे हम दूधिया भी कहते हैं। भाई दूज को हर बहन रोली एवं अक्षत से अपने भाई का तिलक कर उज्जवल भविष्य के लिए आशीष देती है।भाई अपनी बहन को कुछ उपहार या दक्षिणा देता है। भाई दिवाली के 2 दिन बाद ऐसा पर्व त्यौहार है।Article image

Poonam Patel

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Answered on04/26/23
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भाई दूज का महत्व :- हमारे हिंदू धर्म में भाई दूज के त्यौहार को बहुत ही महत्व माना जाता है भाई दूज का त्योहार हर वर्ष दिवाली के 2 दिन बाद मनाया जाता है इस दिन सभी बहने अपने भाई को तिलक लगाकर यमदेव से हाथ जोड़कर अपने भाई के लंबी उम्र की कामना करती है स्कंद पुराण में बताया गया है कि यदि आप भाई दूज के दिन भगवान यमराज की सच्चे मन से पूजा करते हैं तो आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

भाई दूज के त्यौहार को यमद्वितीया त्यौहार के नाम से भी जाना जाता है।Article image

Krishna Patel

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Answered on04/25/23
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भाई दूज कात्यौहार भाई और बहन के लिए बहुत ही महत्त्व रखता है | भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है | रक्षा बंधन के बाद भाई दूज एक ऐसा त्यौहार है, जो भाई बहन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है | हिन्दुओं में दिवाली का त्यौहार जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही भाई दूज महत्व रखता है |
क्यों मानते है भाई दूज :-
भाई दूज को लेकर यह मान्यता है, कि यह त्यौहार हर बहन अपने भाई की लंबी उम्र की कामना के साथ मानती है | हिन्दू धर्म में हर त्यौहार कुछ न कुछ कहता है | इस त्यौहार में एक बहन अपने भाई की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती है |
भाई दूज का महत्त्व :-
भगवान सूर्य की पत्नी छाया जिन्होंने 2 बच्चों को जन्म दिया यम और यमी | यम जो की यमराज हैं, और यामी जो की यमुना नदी है | यमुना अपने भाई यमराज से बड़ा स्नेह करती थी। हमेशा कहती रहती थी कि भाई मेरे इष्ट मित्रों सहित घर आकर भोजन करें | परन्तु यमराज कुछ न कुछ बात कह कर बात टाल देते | दिवाली के तीसरे दिन यमी ने अपने भाई को भोजन पर निमंत्रण दिया और आने के लिए वचनबद्ध कर लिया | यमराज को उसका निमंत्रण स्वीकार करना पड़ा |
परन्तु यमराज के मन में सिर्फ एक सवाल था कि मैं तो लोगों के प्राण हरने ही किसी के घर जाता हूँ, मैं कैसे जा सकता हूँ | पर मेरी बहन ने मुझे आदर सहित बुलाया है, तो मुझे जाना ही होगा | यमराज अपनी बहन के घर गया तो उसकी बहन की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा | यमी ने अपने भाई का स्वागत किया और बड़े ही स्नेह से भोजन कराया | यमुना के इस आदर और स्नेह से खुश होकर यमराज ने अपनी बहन से कहा यमी तुम जो वर माँगन चाहती हो वो मांगो |
यमुना ने अपने भाई से कहा कि मुझे सिर्फ इतना वरदान देना कि आप प्रतिवर्ष इस दिन में घर आएं और मैं आपका आदर के साथ टिका करूँ और जो भी बहन अपने भाई को इस दिन टिका लगाकर भाई दूज मनाए उसको कभी तुम्हारा (यमराज ) का भय न हो और उसके भाई की उम्र लंबी हो | यमराज ने अपनी बहन की यह इच्छा पूरी करने का वचन दिया |
तब से यह त्यौहार प्रतिवर्ष मनाया जाता है |
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Answered By Kanchan Sharma

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हिंदी लेखक

Answered on11/09/18
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