आपका जवाब अच्छा है पर मैं उसमे कुछ जोड़ना चाहता हूँ
- बेहतर माइलेज और परफॉरमेंस |
- सुरक्षा के लिहाज से बहुत अच्छे होते है।
- पंचर लगाने में नहीं आती कोई दिक्कत नहीं होती |
- पंचर होने पर भी गाड़ी चला सकते है |
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ट्यूबलेस टायर मुख्यतः कारों के लिए टायर की नई तकनीक है | ट्यूबलेस टायर पंचर तो होता है पर टयूब टायर की तरह उसमे एक दम से हवा नहीं निकलती | वहीं टयूब टायर के पंचर होने पर या कील लगने पर टायर और टयूब में छेद हो जाता है और हवा टयूब और टायर के बीच से होकर निकल जाती है | एकदम से हवा निकलने पर टायर पिचक जाता है और गाड़ी का बैलेंस बिगड़ जाता है जो की खतरनाक हो सकता है |
ऐसा ट्यूबलेस टायर में नहीं होता | टायर पंचर होने के बाद भी ट्यूबलेस टायर में ट्यूब न होने की वजह से हवा अचानक नहीं निकलती और धीरे धीरे निकलती है जिससे कार चालक को गाड़ी सँभालने का टाइम मिल जाता है | ट्यूबलेस टायर ट्यूब टायर की तुलना में ज्यादा सेफ होते है और सभी मॉडर्न कारों में ट्यूबलेस टायर ही लगाये जाते है |
ट्यूबलेस रिम और टायर असेंबली हल्की होती है क्योंकि उसमे कोई ट्यूब नहीं होती | इसमें घर्षण भी कम होता है और टायर गरम भी कम होता है | तीसरा फायदा है की ट्यूबलेस टायर पंचर को आप स्वयं ठीक कर सकते हैं | ऐसे में अगर दूर दूर कोई पंचर ठीक करने वाला न भी हो तो भी आप एक बहुत आसन तरीके से पंचर ठीक कर सकते है |