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Educationबहीखाता तथा लेखांकन में अंतर बताइए?
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| Updated on October 25, 2023 | education

बहीखाता तथा लेखांकन में अंतर बताइए?

3 Answers
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@rajnipatel6804 | Posted on November 18, 2021

बहीखाता व लेखांकन में अंतर - बहीखाता और लेखांकन में घनिष्ठ संबंध है!बहीखाते के बिना लेखांकन संभव नहीं है और लेखांकन के बिना बहीखाते की कोई उपयोगिता नहीं है पर फिर भी दोनों में पर्याप्त अंतर है जो निम्न प्रकार से स्पष्ट है -


1) योग्यता - बहीखाते का कार्य साधारण योग्यता वाला व्यक्ति भी कर सकता है लेखांकन का कार्य करने वाला व्यक्ति प्रशिक्षित एवं अनुभवी होना आवश्यक है!


2) कला या विज्ञान - बहीखाता रखना एक कला है! लेखांकन का कार्य एक विज्ञान है!


3) आपसी निर्भरता - बहीखाते कार्य का स्वतंत्र है! लेखांकन का कार्य स्वतंत्र ना होकर बहीखाते पर निर्भर करता है!

 

Letsdiskuss

 

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@preetipatel2612 | Posted on November 18, 2021

बहीखाता एवं लेखांकन में अंतर ( डिफरेंस बिटवीन बुक्कीपिंग एंड अकाउंटिंग )

 

(1) उद्देश-बाही खाता मेन ऑब्जेक्ट समस्त व्यापारिक सौदों का व्यवस्थित ढंग से लेखा करना होता है! लेखांकन का मेन उद्देश्य बहीखातों में किए गए व्यवहारों का विश्लेषण करना होता है!


(2) कार्य - वहीखाते के अंतर्गत जनरल व खाता तैयार करना, खतौनी करना व शेष निकालना आता है! लेखांकन के अंतर्गत तलपट बनाना, भूल सुधार करना, समायोजन प्रविष्टि करना तथा अंतिम खाते तैयार करना होता है!


(3) जॉच का कार्य - इसमें किसी प्रकार का जांच नहीं होता है! इसमें वहीखाते की गणित संबंधी शुद्धता की जांच की जाती है!

 

Letsdiskuss

 

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@poonampatel5896 | Posted on October 23, 2023

लेखांकन और बहीखाता में अंतर-

 

बहीखाते का अर्थ प्रारम्भिक व्यवहारों का पुस्तकों में लेखा करने से होता है। जबकि लेखांकन का अर्थ प्रारम्भिक पुस्तकों में की गयी प्रविष्टियों की जाँच करना होता है।

 

बही खाते में भूल चूक और समायोजन से संबंधित लेखो को शामिल नहीं किया जाता है, जबकि लेखांकन में समायोजन और भूल चूक सुधार संबंधी लेखो को शामिल किया जाता है।

 

बहीखाता का कार्य करने के लिए किसी विशिष्ट ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती है। जबकि लेखांकन का कार्य करने के लिए किसी विशिष्ट ज्ञान की आवश्यकता होती है। क्योंकि इसमें खाता के जांच से संबंधित कार्य किए जाते हैं।

 

बही खाता का कार्य बहुत सरल होता है।जबकि लेखांकन का कार्य बहुत कठिन होता है।

 

बही खाते में प्रतिदिन लेनदेन व्यवहारों का जोखा किया जाता है। जबकि लेखांकन में अंतिम खाते तैयार किए जाते हैं।जो प्राय: वर्ष के अंत में बनाए जाते हैं।

 

Letsdiskuss

 

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