औरंगजेब का जन्म 3 नवंबर 1618 में दोहद नामक स्थान पर हुआ था। यह छठवां मुगल सम्राट था। इसके पिता शाहजहां और माँ मुमताज महल थी। इनका धर्म सुन्नी इस्लाम था। औरंगजेब का वास्तविक नाम मुहिउद्दीन मोहम्मद था। औरंगजेब अकबर के बाद सबसे ज्यादा शासन करने वाला मुगल सम्राट था। सन 1663 में इसने सती प्रथा पर रोक लगाई। और सन 1699 में हिंदू मंदिरों को तुड़वाया। जिसमें बनारस का विश्वनाथ मंदिर व मथुरा का केशव मंदिर भी शामिल था। 3 मार्च सन 1707 को 88 वर्ष की आयु में इसका निधन हो गया।
औरंगजेब की मृत्यु कैसे हुई?
आमतौर पर औरंगजेब या अरमगीर यह प्रचार द्वारा दिया हुआ सा ही नाम था जिसका अर्थ होता है विश्व विजेता के नाम से जाना जाता था शाहजहां औरंगजेब को सब ताजमहल के निर्माता के रूप में जाने जाते थे जिसने अपनी बेगम की मृत्यु के उपरांत मुमताज बेगम उसकी याद में उसके लिए विश्व की खूबसूरत इमारत ताजमहल बनाने का यत्न किया था। उसका शासन 1658 से लेकर 1707 में उनकी मृत्यु तक चला औरंगजेब एक भारतीय उपमहाद्वीप पर आधी सदी से भी अधिक समय तक राज्य किया था.।
@vandnadahiya7717 | Posted on December 18, 2022
दोस्तों आपने औरंगजेब का नाम सुना ही होगा पर क्या आप जानते हैं कि औरंगजेब की मृत्यु कैसे हुई यदि नहीं जानते तो चलिए हम आपको इस पोस्ट में बताते हैं औरंगजेब एक क्रूर और निर्दई राजा था उसका सपना पूरे भारत में राज्य करना चाहता था
छत्रपति शिवाजी की मृत्यु हो चुकी थी औरंगजेब को कई बार मारने की योजना बनाई गई पर वह किस्मत का धनी था और हर बार बच जाता था। लेकिन छत्रसाल ने इसमें विजय पाई इन्होंने औरंगजेब को एक चीरा मारा था जिससे वह खाट पर लेट गया और वह तड़प तड़प के 3 मार्च 1707 में औरंगजेब की मृत्यु हो गई।

औरंगजेब के माता का नाम मुमताज था और पिता का नाम शाहजहां था। जिन्होंने अपने प्रेम के लिए ताजमहल बनवाया था। औरंगजेब वह व्यक्ति थे जिन्होंने 50 वर्ष तक अपने शासन मे राज्य किया। औरंगजेब की 3 मार्च सन 1707 ई. दक्षिण के अहमदनगर में उनकी मृत्यु हो गई। औरंगजेब की मृत्यु के बाद उन्हें दौलताबाद में स्थित एक फ़कीर बुरुहानुद्दीन की क़ब्र के अहाते में उन्हें दफ़ना दिया गया। 
औरंगजेब इतिहास का सबसे क्रूर राजा था इस बात से तो आप सभी वाकिफ हैं औरंगजेब ने इतने अधिक अत्याचार किए थे कि उसे धीरे-धीरे मौत देना उसके लिए सही होगा। चलिए जानते हैं औरंगजेब की मृत्यु कैसे हुई थी। औरंगजेब शाहजहां का पुत्र था और उनकी माता का नाम मुमताज था। औरंगजेब को मारने के लिए लोग तरह तरह के प्रयास करते थे लेकिन औरंगजेब किस्मत का धनी था जिस वजह से वह बार-बार बजे जाता था लेकिन अंत में छत्रसाल के द्वारा औरंगजेब की मृत्यु हुई उन्होंने औरंगजेब के एक चीरा लगाकर उसकी हत्या की थी।

