मासिक शिवरात्रि की पूजा कैसे की जाती है ? - letsdiskuss
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Aditya Singla

Marketing Manager (Nestle) | पोस्ट किया | ज्योतिष


मासिक शिवरात्रि की पूजा कैसे की जाती है ?


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Blogger | पोस्ट किया


हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि होती है, जिसका व्रत रखा जाता है| इसके व्रत के दिन स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए और साफ़ आसन पर बैठकर भगवान शिव का पूजन करना चाहिए| उनकी पूजा और मंत्र का जाप करना चाहिए| इस दिन भगवान शंकर का पूजन करना शुभ फलदायी होता है|


हिंदू शास्त्रों के अनुसार प्रत्येक महीने को शिवरात्रि आती है| धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव को माना जाते हैं| पौराणिक मान्यताओं के अनुसार दिव्य ज्योर्तिलिंग का उदय इसी दिन हुआ था इसलिए महीने की हर चतुर्दशी तिथि शिवरात्रि मनाई जाती है|


Letsdiskuss इमेज -गूगल 


शिव चतुर्दशी में भगवान शिव का पूजन उनके परिवार के सभी सदस्यों के साथ किया जाता है| इस दिन शिवलिंग के अभिषेक में जल, दूध, दही, शुद्ध घी, शहद, चीनी, गंगाजल तथा गन्ने के रस का प्रयोग किया जाता है| जब उन्हें सभी चीज़ों से स्नान करवाया जाता है तो उसके बाद बेलपत्र, समीपत्र, कुशा तथा दूब चढ़ाया जाता है| इसेक बाद भांग, धतूरा तथा श्रीफल चढ़ा कर शिव को भोग लगाया जाता है|


जब तक पूजन चलता है “ॐ नमः शिवाय” का जाप करना चाहिए| उसके बाद पूजन और शिव की कथा और शिव चालीसा करनी चाहिए| इसके बाद 108 बार महाम्रतुन्जय मंत्र का जाप करना चाहिए| “महाम्रतुन्जय मंत्रॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥“ इसके बाद हवन और उसके बाद आरती कर के पूजा संपन्न करना चाहिए|


महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते समय कुछ बातों का ध्यान रखें:


- सबसे पहले महामृत्युंजय मंत्र में प्रयोग किये जाने वाले शब्दों का उच्चारण ठीक से और शुद्धता के साथ करें।


- मंत्र का जाप करते समय निश्चित संख्या में ही करें , न कम करें और न ज्यादा करें|


- पूर्व दिशा की तरफ मुख कर के ही जाप करें|


- मंत्र का जाप करने के लिए एक जगह निश्चित कर लें|


- मंत्र करते समय अपने मन को कहीं दूसरी तरफ न भटकने दें|


- बैठ कर जाप करें|



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