चलिए दोस्तों आज हम आपको बताते हैं कि दुनिया में कितने कैलेंडर हैं। दोस्तों कैलेंडर के बारे में तो आप सभी जानते हैं क्योंकि कैलेंडर मानव जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि दिन,तारीख, महीना,साल,वर्ष,तिथि,और हर महीने में आने वाले त्योहारों की जानकारी कैलेंडर से ही मिलती है। इतना ही नहीं कैलेंडर में हमारी राशि भी लिखी होती है जिसको हम पढ़कर अपनी राशि के बारे में जान सकते हैं।कैलेंडर से ही शुभ मुहूर्त पता चलता है जिसके जरिए हम शुभ कार्य जैसे- बरहो, शुभ विवाह, रामायण,भागवत जन्मदिन इत्यादि करते हैं।
पर क्या आपको पता है कि दुनिया में कितने प्रकार के कैलेंडर होते हैं।अगर नहीं पता चलिए हम आपको बताते हैं कि दुनिया भर में कितने कैलेंडर होते हैं। अगर मैं कैलेंडर की बात करूं तो दुनिया भर में लगभग 96 तरह के कैलेंडर होते हैं लेकिन दुनिया में चलने वाले केवल 40 कैलेंडर ही है इस प्रकार हम कह सकते हैं कि दुनिया में 40 कैलेंडर है ।वहीं अगर भारत की बात करूं तो भारत में 36 कैलेंडर है इनमें से 12 कैलेंडर आज भी चल रहे हैं और 24 कैलेंडर बंद हो चुके हैं। लेकिन मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि अलग-अलग कैलेंडरों मे नए साल की शुरुआत अलग-अलग होती है। अगर दुनिया भर में उपयोग किए जाने मुख्य कैलेंडरों की बात करूं तो सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले कैलेंडर निम्न होते हैं-ग्रेगोरियन, यहूदी, इस्लामी, चीनी, जूलियन और फारसी कैलेंडर होते हैं। ग्रेगोरियन कैलेंडर दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर सौर कैलेंडर है जो वर्ष को समय के अनुरूप बनाए रखना है।वही अगर मैं बात करूं जो जुलियन कैलेंडर की तो जूलियन कैलेंडर दुनिया का सबसे पहले कैलेंडर था। कैलेंडर की खोज रोमानो जूलियन ने की थी। वहीं अगर मैं बात करूं भारत के राष्ट्रीय कैलेंडर के तो भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर शक संवत पर आधारित होता है और यह ग्रेगोरियम कैलेंडर की तिथियों से मिलता जुलता रहता है।

