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Current Topicsअखंड भारत में कितने देश जुड़े हुए थे?
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Anushka

| Updated on March 21, 2026 | news-current-topics

अखंड भारत में कितने देश जुड़े हुए थे?

3 Answers
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@abhishekgaur6728 | Posted on January 2, 2026

अखंड भारत में कितने देश जुड़े थे, यह थोड़ा जटिल प्रश्न है क्योंकि इसकी अवधारणा समय के साथ बदलती रही है।

1. प्राचीन काल में:

  • मौर्य साम्राज्य (322-185 ईसा पूर्व):इस साम्राज्य में वर्तमान भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, नेपाल और भूटान के कुछ हिस्से शामिल थे।
  • गुप्त साम्राज्य (320-550 ईस्वी):इस साम्राज्य में वर्तमान भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल के कुछ हिस्से शामिल थे।

2. मध्ययुगीन काल में:

  • दिल्ली सल्तनत (1206-1526):इस सल्तनत में वर्तमान भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के कुछ हिस्से शामिल थे।
  • मुगल साम्राज्य (1526-1857):इस साम्राज्य में वर्तमान भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और नेपाल के कुछ हिस्से शामिल थे।

3. आधुनिक काल में:

  • ब्रिटिश भारत (1858-1947):इसमें वर्तमान भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार और श्रीलंका शामिल थे।

4. आज:

  • अखंड भारत एक राजनीतिक अवधारणा है
  • हिन्दू महासभा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की परिभाषा:इन संगठनों के अनुसार, अखंड भारत में वर्तमान भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार, श्रीलंका, अफगानिस्तान और तिब्बत शामिल हैं।

निष्कर्ष: अखंड भारत में शामिल देशों की संख्या समय के साथ बदलती रही है।

  • प्राचीन काल में:6-7 देश
  • मध्ययुगीन काल में:3-4 देश
  • आधुनिक काल में:5 देश
  • आज:9 देश (अवधारणा)

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अखंड भारत एक राजनीतिक अवधारणा है और इसे वास्तविकता में बदलना मुश्किल होगा।

अखंड भारत में कितने देश जुड़े हुए थे ?

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@kirankushwaha3551 | Posted on January 2, 2026

चलिए दोस्तों इस पोस्ट के जरिए हम आपको बताएंगे की अखंड भारत में कितने देश जुड़े हुए थे। अखंड भारत में आठ देश जुड़े हुए थे अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान,भारत, मालदीव,म्यांमार,नेपाल पाकिस्तान,श्रीलंका, और कहा जाता है कि कुछ भाग चीन का भी था।

जहां-जहां तक सनातन संस्कृति का विचार था वह अखंड भारत था किसी एक समय पूरा अखंड भारत एक साथ कभी नहीं रहा।

अखंड भारत सम्राट विक्रमादित्य चंद्रगुप्त मौर्य समुद्रगुप्त जी के समय में रहा है तथा दक्षिण भारत के चोल वंशी राजाओं ने पूर्वी देशों में सनातन धर्म का परचम लहराया।

अखंड भारत या अखंड हिंदुस्तान एक संयुक्त व्रहद भारत की संकल्पना है। आधुनिक युग में बांग्लादेश, भूटान, भारत,म्यांमार,नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका,और तिब्बत एक ही राष्ट्र है।

 इतिहास- स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कन्हैया लाल माणिकलाल मुंशी ने अखंड भारत का आहान किया जिसका महात्मा गांधी ने समर्थन किया और उनका मानना था कि ब्रिटेन बाटो और राज करो की नीति के माध्यम से अपने साम्राज्य को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है और रहेंगे।अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में मानक 7 के छात्रों के आरएसएस पुस्तक के पहले अध्याय में एक नक्शा जिसमें पाकिस्तान,बांग्लादेश और विभाजन के बाद के भारत को अखंड भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया है। हालांकी भाजपा नेतृव्य इसे लेकर संशय में है लेकिन संघ हमेशा से इस विचार का मुखर समर्थक रहा। संघ विचारक के पुस्तक द ट्रैजिक स्टोरियां पार्टीशन में अखंड भारत के चिंतन के महत्व पर जोर दिया गया है। 1947 से पहले के भारत के मानचित्र में पाकिस्तान और बांग्लादेश को ब्रिटिश भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया है जो पूर्व एकीकृत भारत का सीमांकन करता है।अतः अखंड भारत का उद्देश्य भारत से अलग हुए इन देशों को पुनः एक करना है।अखंड भारत का निर्माण वैचारिक रूप से हिंदूत्व की अवधारणा और संगठन एवं शुद्धी के विचार से जुड़ा हुआ है।

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@sonamsingh1730 | Posted on January 2, 2026

आज मैं आपको बताने वाली हूं कि अखंड भारत में कितने देश जुड़े हुए थे:-

चलिए मैं आपको बताती हूं कि अखंड भारत में कितने और कौन-कौन से देश जुड़े हुए थे। बताया जाता है कि अखंड भारत में आठ देश जुड़े थे। जो कि इस प्रकार है पहले नंबर पर अफगानिस्तान, बांग्लादेश,भूटान,भारत मालदीव, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका,तिब्बत, और हां यह भी कहा जाता है कि कुछ भाग चीन का भी था।

 चलिए जानते हैं की अखंड भारत कब था अखंड भारत में किन देशों का समावेश होता था:-

इतिहास में बताया जाता है कि जहां-जहां तक सनातन संस्कृति का विस्तार था वहां अखंड भारत था। और हां यह भी कहा जाता है कि एक समय में पूरा अखंड भारत एक साथ कभी नहीं रहा।

मैं आपको बता दूं की अखंड भारत सम्राट विक्रमादित्य चंद्रगुप्त मौर्य समुद्रगुप्त आदि के समय में रहा था। और दक्षिण भारत के चोल वंशी राजाओं ने पूर्वी देशों में सनातन धर्म का परचम लहराया। जहां-जहां सनातन धर्म संस्कृति और सभ्यता का विस्तार पाया गया है वहां-वहां एक भारत है। देश की सीमाएं निश्चित हो सकती है लेकिन संस्कृति धर्म की कभी नहीं।

 चलिए हम आपको बताते हैं की अखंड भारत की स्थापना किसने की थी:-

मैं आपको बता दूं कि भारतीय कार्यकर्ता और हिंदू महासभा के नेता विनायक दामोदर सावरकर ने सन 1937 में अहमदाबाद में हिंदू महासभा के 19वीं वार्षिक सत्र में अखंड भारत की धारणा को प्रतिपादित किया। जो कश्मीर से रामेश्वरम तक, सिंह से असम तक और एक अविभाज्य रहना चाहिए।

मैं आपको बता दूं कि भारत का प्रथम चक्रवर्ती सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य थे जो मौर्य वंश के थे। इन्होंने ही पहली बार अखंड भारत का निर्माण किया था। और अखंड भारत पर राज भी सबसे पहले इन्होंने ही किया था।

इस प्रकार मैंने आपको यहां पर जानकारी दे दी है कि अखंड भारत की स्थापना किसने की थी।

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