ब्राह्मस्त्र बहुत शक्तिशाली है, यदि दो ब्रह्मास्त्र एक -दूसरे से आपस मे टकरा जाये तो पृथ्वी के समाप्त होने का भय होने लगता है, महाभारत मे 13 से लेकर 15 अध्याय तक ब्रह्मास्त्र के बारे मे बताया गया है। ब्राह्मस्त्र की मारक क्षमता 60 से 70 फुट थी।ब्रह्मास्त्र अपनी मारक क्षमता से बड़े -बड़े जानवर को पल भर मे मार सकता है ।ब्रह्मास्त्र से मनुष्य, जानवर तथा देवी -देवता उसका नाम सुनकर ही डर जाते थे, क्योंकि ब्रह्मास्त्र के शास्त्र से बहुत ही शक्तिशाली ऊर्जा निकलती थी उस ऊर्जा से वह चाहे तो पूरी धरती को पल भर मे भस्म कर सकता है।



