कुछ ऐसे बच्चे भी होते है, जिनसे शुद्ध हिंदी लिखते नहीं बनता है, क्योंकि उन्हें व्यंजन, स्वर का उच्चारण करते नहीं बनता है। ऐसे मे उन लोगो क़ो शुद्ध हिंदी लिखने मे बहुत ही परेशानी होती है, बच्चे बड़ी क्लास मे पहुंच जाते है फिर भी उनसे शुद्ध हिंदी लिखते नहीं बनती है और बच्चे हिंदी विषय मे काफ़ी कम नम्बर लाते है।
ऐसे मे उन बच्चों क़ो शुद्ध हिंदी लिखना सीखना चाहते है, तो कुछ विशेष बातो का ध्यान रखना चाहिए -
•यदि आपके बच्चे से शुद्ध हिंदी लिखते नहीं बनती है, तो बच्चे क़ो शुद्ध हिंदी लिखना सिखाने के लिए अपने बच्चे क़ो मात्रा, पाई का पहचनवाएं ताकि बच्चे क़ो अच्छे से मात्रा, पाई का ज्ञान हो जाएं और ज़ब बच्चों क़ो मात्रा पाई का ज्ञान हो जाएगा तो वह शुद्ध हिंदी लिखना सीख जाएंगे।
•आपके बच्चे से शुद्ध हिंदी लिखते नहीं बनती है, तो आप अपने बच्चों क़ो हिंदी मैगजीन, कहानी की किताब और अख़बार पढ़ेंगे तो बच्चों की आदत बन जाएगी और बच्चे किताब धीरे -धीरे पढ़ना सीख जाएंगे और ज़ब उनसे किताब पढ़ते बनने लगेगी तो अपने बच्चों क़ो 3-4 अक्षर वाले शब्द बोल -बोलकर लिखवाये तब बच्चे अच्छे से शुद्ध हिंदी लिखना सीख जाएंगे।
•यदि आपके बच्चे शुद्ध हिंदी नहीं लिख पाते है तो ऐसे मे आप अपने बच्चों क़ो संज्ञा, सर्वनाम तथा विशेषण का ज्ञान होना चाहिए। यदि आपके बच्चे क़ो संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण का ज्ञान नहीं है तो उन्हें इन सब चीजों के बारे मे जानकारी दे तभी बच्चों क़ो इन सब चीजों के बारे ज्ञान होगा तो वह शुद्ध हिंदी लिख पाएंगे।
•आपके बच्चों से शुद्ध हिंदी बोलना, लिखना नहीं आता है तो बच्चे क़ो हिंदी अकेडमी ज्वाइन करवाए, अकेडमी मे आपके बच्चों क़ो बेसिक हिंदी से हाई लेवल तक की हिंदी बोलना और लिखना सिखाया जाता है। अकेडमी मे शिक्षक द्वारा बच्चों क़ो हिंदी टेस्ट के लिए कई तरह के प्रेक्टिस टेस्ट लिये जाते है, बच्चे हिंदी टेस्ट मे पास हो जाते है तो उनसे हिंदी लिखते बनने लगता है।








