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Updated on May 22, 2026astrology

ज्योतिष शाश्त्र का मानव जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है ?

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4 Answers

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Updated on May 22, 2026

Astrology को मानव जीवन में एक परंपरागत मार्गदर्शक प्रणाली माना जाता है। इसके अनुसार ग्रहों और राशियों की स्थिति व्यक्ति के स्वभाव, करियर, संबंधों और जीवन की घटनाओं पर प्रभाव डालती है। कई लोग इसे निर्णय लेने, शुभ समय चुनने और जीवन में दिशा समझने के लिए उपयोग करते हैं। यह मानसिक शांति और आशा भी प्रदान करता है।

हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से इसका ठोस प्रमाण नहीं है, इसलिए इसे विश्वास और आस्था पर आधारित माना जाता है। आधुनिक समय में इसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के रूप में देखा जाता है, न कि निश्चित भविष्यवाणी के रूप में। 

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V
Answered on Aug 22, 2023

दोस्तों बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो ज्योतिष शास्त्र पर अधिक विश्वास रखते हैं आज इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि क्या ज्योतिष शास्त्र का मानव जीवन में प्रभाव पड़ता है। तो जी हां ज्योतिष शास्त्र का मानव जीवन में प्रभाव पड़ता है क्योंकि कुछ ऐसे कार्य होते हैं जो ज्योतिष शास्त्र के ही द्वारा कर पाना संभव होता है भगवान ने लोगों के जन्म से पहले उसके आगे की जिंदगी के बारे में लिख चुके हैं क्योंकि मनुष्य के आगे आने वाली जिंदगी का फैसला उनके पीछे ले किए गए कर्मों के अनुसार ही तय होता है। इसीलिए हम कह सकते हैं कि ज्योतिष शास्त्र का मानव जीवन में प्रभाव पड़ता है।

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M
Answered on Aug 21, 2023

ज्योतिष शास्त्र का मानव जीवन मे बहुत ही अच्छा और बुरा प्रभाव पड़ता है, जैसे कि जन्म होते ही हमारी कुंडली ज्योतिष शास्त्र द्वारा बनायी जाती है और हमारी कुंडली मे कुछ बुरे प्रभाव होते है और कुछ अच्छे प्रभाव भी होते है। ज़ब हमारी कुंडली मे बुरे प्रभाव होते है तो उनके कुंडली की दोष निवारण की जिम्मेदार ज्योतिष शास्त्र की होती है और दोषों का निवारण करके ज्योतिष शास्त्र हमारी कुंडली मे अच्छे प्रभाव लाते है।Article image

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K
Answered on Apr 2, 2018
ज्योतिष शाश्त्र का मानव जीवन में बहुत बड़ा महत्व है | ज्योतिष शाश्त्र बहुत प्राचीन काल से चला आ रहा एक शाश्त्र है | ये इंसान की जन्म से लेकर मृत्यु तक का लेखा जोखा होता है | इसमे इंसान के वर्तमान से लेकर उसके भविष्य तक की सब जानकारी होती है | जो लोग ज्योतिष को मानते है उनके लिए यह सब कुछ है | ज्योतिष शाश्त्र इतना बड़ा है कि उसको समझने के लिए ज्योतिष शाश्त्र को भी कई भागो में विभाजित किया गया है |
जैसे :-
हस्त रेखा ,कुंडली ,पंचाग,वास्तु शाश्त्र ,अंक विद्द्या ,सभी प्रकार कि पूजन विधि इत्यादि |
हस्त रेखा :- हस्त रेखा ज्ञान वो ज्ञान होता है ,जिससे इंसान का भविष्य उसकी हाथो कि रेखाओ में होता है | वैसे माना जाता है कि इंसान कि किस्मत उसके हाथो में ही होती है | अब जो लोग मेहनत करे तो उनकी मेहनत में और जो लोग हस्त रेखा मानते है उनकी रेखाओ में |
कुंडली :- जब किसी का जन्म होता है तो उसके जन्म तिथि से लेकर उसका समय और स्थान कि सम्पूर्ण जानकरी के बाद उसकी कुंडली बनाई जाती है | यह कुंडली इंसान का भविष्य और वर्तमान दोनों बताती है |
पांचांग :- हिन्दू धर्म का कैलेंडर हम पांचांग को मान सकते है | ज्योतिष के पांच अंग को मिलकर बनता है पांचांग | जैसे -तिथि ,वार ,नक्षत्र,योग और करण |
वास्तु शाश्त्र :- नकारात्मक शक्तियों और ऊर्जाओं को अपने घर व ज़िंदगी से दूर करने के लिए वाश्तु शाश्त्र माना जाता है | वर्तमान में बहुत से लोग वास्तु के आधार पर ही अपने घर व ऑफिस का निर्माण करते है |
अंक विद्द्या :- अंक विद्द्या भी ज्योतिष शाश्त्र का एक महत्वपूर्ण पहलु है | इसमे इंसान का भविष्य उसके जन्म कि तारिक से निकाला जाता है |
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