ज्योतिष शाश्त्र का मानव जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है ? - Letsdiskuss
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Brijesh Mishra

Businessman | अपडेटेड 07 Aug, 2018 |

ज्योतिष शाश्त्र का मानव जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है ?

Avinash Kumar

Engineer | पोस्ट किया 07 Oct, 2018

मानव जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है | ज्योतिष को सभी लोग नहीं मानते परन्तु कुछ लोग मानते है, और ज्योतिष में कही हर बात को पूरी श्रद्धा से निभाते भी है | ज्योतिष शास्त्र का हमारे जीवन में असर हमारे कर्मो और कुंडली में हमारे ग्रहों की स्थिति के आधार पर होता है |


इस दुनिया में केवल 2 चीज़ें हैं, जिनको कोई नहीं बदला सकता इंसान का जन्म लेना और उसकी मृत्यु | ये अपार सत्य है, इस दुनिया का जो इंसान जन्म लेगा वो इस दुनिया से जाएगा भी | उसके बाद जो आपकी नियति ऊपर से लिख कर आएगी वो सम्भवता होगी उसमें किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं होता |

हमारे जीवन में जो घटनाएं होनी होगी वो होकर रहती है | परन्तु ज्योतिष ज्ञान एक ऐसा ज्ञान है, जिसके सहारे हमें इस बात का पूरा ज्ञान तो नहीं कह सकते परन्तु इतना ज्ञान हो जाता है कि हम आने वाली परेशानियों को कम करने के लिए पूजा अर्चना कर सकें |

Kanchan Sharma

Content Writer | पोस्ट किया 02 Apr, 2018

ज्योतिष शाश्त्र का मानव जीवन में बहुत बड़ा महत्व है | ज्योतिष शाश्त्र बहुत प्राचीन काल से चला आ रहा एक शाश्त्र है | ये इंसान की जन्म से लेकर मृत्यु तक का लेखा जोखा होता है | इसमे इंसान के वर्तमान से लेकर उसके भविष्य तक की सब जानकारी होती है | जो लोग ज्योतिष को मानते है उनके लिए यह सब कुछ है | ज्योतिष शाश्त्र इतना बड़ा है कि उसको समझने के लिए ज्योतिष शाश्त्र को भी कई भागो में विभाजित किया गया है |

जैसे :-
हस्त रेखा ,कुंडली ,पंचाग,वास्तु शाश्त्र ,अंक विद्द्या ,सभी प्रकार कि पूजन विधि इत्यादि |

हस्त रेखा :-  हस्त रेखा ज्ञान वो ज्ञान होता है ,जिससे इंसान का भविष्य उसकी हाथो कि रेखाओ में होता है | वैसे माना जाता है कि इंसान कि किस्मत उसके हाथो में ही होती है | अब जो लोग मेहनत करे तो उनकी मेहनत में और जो लोग हस्त रेखा मानते है उनकी रेखाओ में |

कुंडली :-  जब किसी का जन्म होता है तो उसके जन्म तिथि से लेकर उसका समय और स्थान कि सम्पूर्ण जानकरी के बाद उसकी कुंडली बनाई जाती है | यह कुंडली इंसान का भविष्य और वर्तमान दोनों बताती है | 

पांचांग :-  हिन्दू धर्म का कैलेंडर हम पांचांग को मान सकते है | ज्योतिष के पांच अंग को मिलकर बनता है पांचांग | जैसे -तिथि ,वार ,नक्षत्र,योग और करण |

वास्तु शाश्त्र :- नकारात्मक शक्तियों और ऊर्जाओं को अपने घर व ज़िंदगी से दूर करने के लिए वाश्तु शाश्त्र माना जाता है | वर्तमान में बहुत से लोग वास्तु के आधार पर ही अपने घर व ऑफिस का निर्माण करते है |

अंक विद्द्या :-  अंक विद्द्या भी ज्योतिष शाश्त्र का एक महत्वपूर्ण पहलु है | इसमे इंसान का भविष्य उसके जन्म कि तारिक से निकाला जाता है |



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