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Brijesh Mishra· 8 साल पहले
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ज्योतिष शाश्त्र का मानव जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है ?

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अपडेट किया गया05/22/26

Astrology को मानव जीवन में एक परंपरागत मार्गदर्शक प्रणाली माना जाता है। इसके अनुसार ग्रहों और राशियों की स्थिति व्यक्ति के स्वभाव, करियर, संबंधों और जीवन की घटनाओं पर प्रभाव डालती है। कई लोग इसे निर्णय लेने, शुभ समय चुनने और जीवन में दिशा समझने के लिए उपयोग करते हैं। यह मानसिक शांति और आशा भी प्रदान करता है।

हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से इसका ठोस प्रमाण नहीं है, इसलिए इसे विश्वास और आस्था पर आधारित माना जाता है। आधुनिक समय में इसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के रूप में देखा जाता है, न कि निश्चित भविष्यवाणी के रूप में। 

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Madhav Sharma is a professional astrologer with over 6 years of practice in Vedic astrology. He holds a Jyotish Visharad certification from the Indian Council of Astrological Sciences (ICAS), New Delhi — one of India's most recognised credentials in the field — and has studied under senior practitioners with decades of lineage in classical Vedic traditions. His content covers Vedic astrology, birth chart analysis, planetary transits, kundli matching, horoscope predictions, and the practical application of astrological principles in daily life. His work has been published on platforms including AstroSage, GaneshaSpeaks, and Boldsky Astrology, where he writes for readers seeking guidance grounded in classical astrological texts and consistent interpretive practice. Over six years, Madhav has conducted 2,000+ individual consultations and published 200+ articles on astrology, covering everything from beginner guides to in-depth analyses of rare planetary combinations. He is a practising member of the Indian Astrology Federation and has been a featured voice at astrology conferences and spiritual wellness events across India. Across all his writing, his approach remains consistent — classical knowledge, disciplined interpretation, and content that respects both the tradition of Vedic astrology and the intelligence of the reader.

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जवाब दिया गया04/02/18
ज्योतिष शाश्त्र का मानव जीवन में बहुत बड़ा महत्व है | ज्योतिष शाश्त्र बहुत प्राचीन काल से चला आ रहा एक शाश्त्र है | ये इंसान की जन्म से लेकर मृत्यु तक का लेखा जोखा होता है | इसमे इंसान के वर्तमान से लेकर उसके भविष्य तक की सब जानकारी होती है | जो लोग ज्योतिष को मानते है उनके लिए यह सब कुछ है | ज्योतिष शाश्त्र इतना बड़ा है कि उसको समझने के लिए ज्योतिष शाश्त्र को भी कई भागो में विभाजित किया गया है |
जैसे :-
हस्त रेखा ,कुंडली ,पंचाग,वास्तु शाश्त्र ,अंक विद्द्या ,सभी प्रकार कि पूजन विधि इत्यादि |
हस्त रेखा :- हस्त रेखा ज्ञान वो ज्ञान होता है ,जिससे इंसान का भविष्य उसकी हाथो कि रेखाओ में होता है | वैसे माना जाता है कि इंसान कि किस्मत उसके हाथो में ही होती है | अब जो लोग मेहनत करे तो उनकी मेहनत में और जो लोग हस्त रेखा मानते है उनकी रेखाओ में |
कुंडली :- जब किसी का जन्म होता है तो उसके जन्म तिथि से लेकर उसका समय और स्थान कि सम्पूर्ण जानकरी के बाद उसकी कुंडली बनाई जाती है | यह कुंडली इंसान का भविष्य और वर्तमान दोनों बताती है |
पांचांग :- हिन्दू धर्म का कैलेंडर हम पांचांग को मान सकते है | ज्योतिष के पांच अंग को मिलकर बनता है पांचांग | जैसे -तिथि ,वार ,नक्षत्र,योग और करण |
वास्तु शाश्त्र :- नकारात्मक शक्तियों और ऊर्जाओं को अपने घर व ज़िंदगी से दूर करने के लिए वाश्तु शाश्त्र माना जाता है | वर्तमान में बहुत से लोग वास्तु के आधार पर ही अपने घर व ऑफिस का निर्माण करते है |
अंक विद्द्या :- अंक विद्द्या भी ज्योतिष शाश्त्र का एक महत्वपूर्ण पहलु है | इसमे इंसान का भविष्य उसके जन्म कि तारिक से निकाला जाता है |
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जवाब दिया गया08/22/23

दोस्तों बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो ज्योतिष शास्त्र पर अधिक विश्वास रखते हैं आज इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि क्या ज्योतिष शास्त्र का मानव जीवन में प्रभाव पड़ता है। तो जी हां ज्योतिष शास्त्र का मानव जीवन में प्रभाव पड़ता है क्योंकि कुछ ऐसे कार्य होते हैं जो ज्योतिष शास्त्र के ही द्वारा कर पाना संभव होता है भगवान ने लोगों के जन्म से पहले उसके आगे की जिंदगी के बारे में लिख चुके हैं क्योंकि मनुष्य के आगे आने वाली जिंदगी का फैसला उनके पीछे ले किए गए कर्मों के अनुसार ही तय होता है। इसीलिए हम कह सकते हैं कि ज्योतिष शास्त्र का मानव जीवन में प्रभाव पड़ता है।

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जवाब दिया गया08/21/23

ज्योतिष शास्त्र का मानव जीवन मे बहुत ही अच्छा और बुरा प्रभाव पड़ता है, जैसे कि जन्म होते ही हमारी कुंडली ज्योतिष शास्त्र द्वारा बनायी जाती है और हमारी कुंडली मे कुछ बुरे प्रभाव होते है और कुछ अच्छे प्रभाव भी होते है। ज़ब हमारी कुंडली मे बुरे प्रभाव होते है तो उनके कुंडली की दोष निवारण की जिम्मेदार ज्योतिष शास्त्र की होती है और दोषों का निवारण करके ज्योतिष शास्त्र हमारी कुंडली मे अच्छे प्रभाव लाते है।लेख की तस्वीर

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जवाब दिया गया03/08/18

नमस्कार तृष्णा जी ,आपका सवाल बहुत ही अच्छा है ,वैसे तो घर मे पौधे लगाना अच्छा होता है | स्वास्थ के लिए भी और सेहत के लिए भी और कुछ लोगो को पौधे लगाना बहुत पसंद होता है | कुछ लोग शौकिया तौर पर ये करते है | घर मे पौधे लगाने से हरियाली तो होती ही है साथ ही इंसान इसको देख कर खुश भी रहता है | क्योकि हरियाली का नाम ही जीवन मे खुशहाली लाता है |

जब ख़ुशी का आभास होता है या जब इंसान दिल से खुश होता है तो कहते है "दिल बाग़-बाग़ हो गया " बस यही होती है हरियाली | और जब बात हो सुख समृद्धि और सकारात्मक चीजों की तब इंसान को वही करना होता है जो उसके लिए सही हो | आज हम आपको बताते है के नवरतन पौधा जिसको क्रिस्टल-ट्री भी कहते है क्यों लगाए और इसका हमारे जीवन मे क्या प्रभाव है |

वास्तुशास्त्र के अनुसार क्रिस्टल-ट्री का उपयोग घर में सुख-समृद्धि, प्रतिष्ठा व शांति के लिए किया जाता है। रत्नों का पौधा सुनने में भले ही काल्पनिक लगे किन्तु वास्तविकता यही है कि चीनी पद्धति में इस पौधे का अधिक महत्व है। यह पौधा तरह-तरह के रत्नों और स्फटिकों का बना होता है। इसे घर में रखने से कभी भी घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं ठहरती है और हमेशा घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, क्रिस्टल-ट्री में कई वैरायटीज होती हैं।

वास्तुशास्त्र के अनुसार एमेथिस्ट का पेड़ दिमाग का संतुलन बनाए रखता है। रंग-बिरंगे रत्नों से सजे इस पौधे को यदि घर के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में रखा जाए तो निश्चित रूप से जीविका चलाने वाले व्यक्ति के सौभाग्य में वृद्धि होती है।

इसे घर में दक्षिण-पूर्व दिशा में भी रखा जा सकता है। इसे व्यवसायिक स्थल पर रखने से संपदा मिलती है। इसे बैठक में भी रखा जा सकता है। इसका एक ओर महत्वपूर्ण कार्य नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना भी है।

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जवाब दिया गया10/07/18

मानव जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है | ज्योतिष को सभी लोग नहीं मानते परन्तु कुछ लोग मानते है, और ज्योतिष में कही हर बात को पूरी श्रद्धा से निभाते भी है | ज्योतिष शास्त्र का हमारे जीवन में असर हमारे कर्मो और कुंडली में हमारे ग्रहों की स्थिति के आधार पर होता है |


इस दुनिया में केवल 2 चीज़ें हैं, जिनको कोई नहीं बदला सकता इंसान का जन्म लेना और उसकी मृत्यु | ये अपार सत्य है, इस दुनिया का जो इंसान जन्म लेगा वो इस दुनिया से जाएगा भी | उसके बाद जो आपकी नियति ऊपर से लिख कर आएगी वो सम्भवता होगी उसमें किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं होता |

हमारे जीवन में जो घटनाएं होनी होगी वो होकर रहती है | परन्तु ज्योतिष ज्ञान एक ऐसा ज्ञान है, जिसके सहारे हमें इस बात का पूरा ज्ञान तो नहीं कह सकते परन्तु इतना ज्ञान हो जाता है कि हम आने वाली परेशानियों को कम करने के लिए पूजा अर्चना कर सकें |

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Nitya Sharma is a Vedic astrologer and astrology content writer with over 9+ years of practice in classical Jyotish. She holds a Jyotish Acharya degree from Bharatiya Vidya Bhavan, New Delhi — one of India's most respected institutions for Vedic studies — and a Jyotish Visharad certification from the Indian Council of Astrological Sciences (ICAS), credentials that root her practice and writing firmly within the tradition of classical Vedic astrology. Her content covers Vedic birth chart analysis, planetary transits, kundli matching, dasha predictions, Nakshatra interpretations, annual horoscopes, and the practical application of Jyotish principles in everyday decision-making. Her work has appeared on platforms including AstroSage, GaneshaSpeaks, and Astrotalk, where she writes for readers seeking astrology content grounded in classical texts and disciplined interpretive practice — not generalised sun-sign commentary. Over nine years, Nitya Sharma has conducted 3,500+ individual consultations covering career, marriage, health, and financial predictions. She has published 300+ astrology articles, contributed to astrology panels at the Vedic Astrology Conclave, Mumbai, and the All India Federation of Astrologers' Societies (AIFAS) annual conference, and is a practising member of AIFAS. Her consultations draw clients from across India and the Indian diaspora — a reach built entirely on consistent, verifiable astrological practice. Across all her writing, every prediction is rooted in classical Parashari and Jaimini methodology, every transit analysis references primary astrological texts, and every article reflects the interpretive discipline that nine years of active practice demands — because astrology content without methodological rigour is not astrology, it is guesswork.

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