MPhil (Master of Philosophy) एक उच्च स्तरीय, शोध-आधारित (Research-based) स्नातकोत्तर डिग्री है, जिसकी अवधि आमतौर पर 1 से 2 वर्ष की होती है। यह कोर्स मुख्य रूप से उन छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो मास्टर डिग्री (जैसे MA, MSc, या MCom) पूरी करने के बाद अनुसंधान (Research) के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। इसमें पारंपरिक थ्योरी की पढ़ाई के बजाय शोध प्रस्ताव (Research Proposal) तैयार करने, डेटा संग्रह, विश्लेषण और थीसिस (Thesis) लेखन जैसी रिसर्च तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे छात्रों को पीएचडी (PhD) के लिए एक मजबूत आधार मिलता है। आमतौर पर इसमें प्रवेश के लिए मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक और प्रवेश परीक्षा पास करना अनिवार्य होता है। भारत के संदर्भ में, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत अब विश्वविद्यालयों में MPhil कोर्स को समाप्त कर दिया गया है, जिसके कारण छात्र अब पोस्ट-ग्रेजुएशन के बाद सीधे PhD में दाखिला ले सकते हैं, हालांकि पहले से की गई MPhil डिग्रियों की मान्यता पूरी तरह बरकरार रहेगी।
यहां एक और दिलचस्प विषय है जिसका आप आनंद ले सकते हैं: बीबीए क्या है और इसका क्या अर्थ है?