नौकरी पर आपका पहला दिन कैसा रहा ? - letsdiskuss
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Sneha Bhatiya

Student ( Makhan Lal Chaturvedi University ,Bhopal) | पोस्ट किया |


नौकरी पर आपका पहला दिन कैसा रहा ?


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Delhi Press | पोस्ट किया


मैं एक लेखक हूँ, और एक इस काम में नयी हूँ । मैं हमेशा एक लेखक के रूप में काम करना चाहती थी, और मेरी पहली नौकरी ने मेरे लिए ऐसा किया। हालांकि, हम अपने पहली नौकरी के बारे में बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि नौकरी पर मेरे पहले दिन की बात कर रहे हैं, तो चलिए में अपने अनुभव से शुरू करती हूँ |


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तो यह थोड़ी सी चिंता और घबराहट से शुरू हुआ (आप समझ सकते हैं, यह मेरी पहली नौकरी का पहला दिन था - वास्तव में एक बड़ा दिन)। तो हाँ, मैं चिंतित और घबरा गयी थी, और मेरा एक अंतर्मुखी व्यवहार इसमें जुड़ गया । मेरे आलस ने मेरे प्रभावशाली ढंग से तैयार होने के लिए अधिक समय नहीं छोड़ा, लेकिन मुझे लगता है कि मैं सभ्य दिख रही थी।

तो मेरे कार्यालय के परिसर तक पहुंचने के बाद, मेरी चिंता का कुछ प्रतिशत उत्साह में बदल गया और मैंने एक चहकती हुई मुस्कुराहट के साथ कार्यालय में प्रवेश किया। मेरी बॉस अभी तक नहीं आयीं थी, मेरे प्रबंधक ने मुझे अपना डेस्क दिखाया और मुझे उस वेबसाइट को स्कैन करने के लिए कहा जहाँ मैं लिखना शुरू कर रही थी।

थोड़ी ही देर हुई थी जब बॉस आयीं और त्वरित चर्चा के लिए हमारी टीम को बुलाया। मैं पूरी तरह से अनजान थी और मुझ पर कमजोरी की भावना थी, क्योंकि मैं सबसे कम उम्र की, कम अनुभवी और नवीनतम कर्मचारी थी।

मैं पूरा समय एक गूंगी मूर्ति की तरह खड़ी थी जब सभी अन्य चर्चा कर रहे थे और अपने विचारों को प्रकट कर रहे थे। इससे मुझे थोड़ा बुरा महसूस हुआ, लेकिन है कि मेरे पास समझदार बॉस है, जिन्हे मेरे चुप रहने से कोई परेशानी नहीं हुई |

मैं आपको बताना चाहती हूँ कि जिस तरह से मेरे पहले दिन मेरे कार्यालय में स्वागत किया गया था, वह असाधारण रूप से हार्दिक था। जब मैंने अपने अन्य दोस्तों के साथ अपना अनुभव साझा किया, तो उन्होंने कहा कि मैं भाग्यशाली हूँ और काश की उनके भी साथ ऐसा व्यव्यहार होता |
एक अपने आप में रहने वाली इंट्रोवर्ट होने के नाते, मैं स्टाफ के सदस्यों के साथ बहुत अधिक घुली मिली नहीं और पूरे दिन शांत होकर बैठी रही और अपने काम काम में व्यस्त रही। मैंने दोपहर के भोजन पर भी ज्यादा बातचीत नहीं की। हालांकि, किसी के द्वारा इसे मेरा अभिमान नहीं समझा गया, जिसके लिए में बहुत आभारी हूँ |

मेरे वरिष्ठों ने मुझे ऐसा काम जिसमे में अच्छी हूँ देने में विशेष ध्यान दिया, जो कि मेरे लिए बहुत राहत पहुँचाने वाली बात थी |
तो नौकरी पर मेरा पहला दिन और अधिक सही नहीं हो सकता था, हालांकि मुझे लगता है कि मैं इसे और भी बेहतर बनाने के लिए अपने पक्ष से अधिक प्रयास कर सकती थी ।

मुझे आपके विचार भी सुनना अच्छा लगेगा।।


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