जब भगवान श्री राम बनवास के लिए जा रहे थे तब उन्हें समुद्र पार करने के लिए नाव की आवश्यकता थी तो भगवान श्री राम केवट के पास गए। तो केवट ने कहा कि हे प्रभु आपके चरणों की धूल का प्रभाव बहुत ही शक्तिशाली है क्योंकि जब आपने पत्थर पर पैर रखा था तो वह स्त्री बन गई थी। और मेरी नाव तो लकड़ी की है और उसने भगवान श्री राम के सामने एक शर्त रखी कि वे उनके पवित्र चरणों को जल से धूल कर और उस पानी को पी कर ही भगवान को नव में बैठने की इजाजत मांगी। इसलिए भगवान श्री राम केवट की इस बात को सुनकर हंस पड़े।

Answered By Krishna Patel
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