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Educationकेवट के किन वचनों को सुनकर प्रभु को हंसी...
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| Updated on June 9, 2022 | education

केवट के किन वचनों को सुनकर प्रभु को हंसी आ गई?

2 Answers
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@preetipatel2612 | Posted on November 15, 2021

केवट कहता है कि है प्रभु!आपके चरणों की धूल का प्रभाव बहुत ही शक्तिशाली होता है मेरी नाव तो लकड़ी की बनी है जो पत्थर से बहुत कोमल है( केवट के मन में शंका थी कि जिन चरणों की धूल से पत्थर की शिला स्त्री बन जाती है तो उसकी नाव तो टूट ही जाएगी) इस प्रकार केवट श्रीराम के सामने एक शर्त रखता है कि वह अपने हाथो से भगवान के पवित्र चरणों को धोकर ही उन्हें अपने नाव पर बैठएगा प्रभु की अनुमति मिलने पर केवल अपने परिवार सहित श्री राम के चरणों को धोता है और उनका वंदना करता है इसके पश्चात एक कठौती में गंगा जल भरकर राम जी के चरणो को धोकर उस पवित्र जल को पीता है इस प्रकार केवट की भक्ति और उसकी प्रेम गाड़ी को सुनकर प्रभु को हंसी आ जाती है!Article image

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@krishnapatel8792 | Posted on June 9, 2022

जब भगवान श्री राम बनवास के लिए जा रहे थे तब उन्हें समुद्र पार करने के लिए नाव की आवश्यकता थी तो भगवान श्री राम केवट के पास गए। तो केवट ने कहा कि हे प्रभु आपके चरणों की धूल का प्रभाव बहुत ही शक्तिशाली है क्योंकि जब आपने पत्थर पर पैर रखा था तो वह स्त्री बन गई थी। और मेरी नाव तो लकड़ी की है और उसने भगवान श्री राम के सामने एक शर्त रखी कि वे उनके पवित्र चरणों को जल से धूल कर और उस पानी को पी कर ही भगवान को नव में बैठने की इजाजत मांगी। इसलिए भगवान श्री राम केवट की इस बात को सुनकर हंस पड़े।Article image

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