लेखांकन के उद्देश्य यह है कि व्यवसायिक लेनदेन को नियमित एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करना होता है लेखांकन का प्रथम उद्देश्य यही होता है और लेखांकन का दूसरा देश या होता है एक निश्चित अवधि का लाभ हानि ज्ञात करना होता है। और ईश्मे ये भी है व्यवसाय में कई पक्षों के हित होते हैं जैसे कर्मचारी वर्ग, के प्रबंधक लेनदार, विनियोजन आदि व्यवसाय के हित रखने वाले विभिन्न पक्षों को उनके संबंधित सूचना उपलब्ध कराना भी लेखांकन का एक उद्देश होता है.।
लेखांकन के उद्देश्य - लेखांकन का प्रमुख उद्देश्य,जैसा की परिभाषा से स्पष्ट होता है, व्यापारिक परिणामों का ज्ञान करना और वित्तीय स्थिति को दर्शाना होता है! लेखांकन के द्वारा न केवल व्यवसाय लाभार्जन शक्ति एवं वित्तीय स्थिति का ज्ञान होता है अपितु लेखांकन व्यवसाय की प्रगति एवं उसकी क्षमता को मापने में भी सहायक होता है! इसके अतिरिक्त व्यवसायिक की योजनाओं के निर्माण एवं वित्तीय निर्णय लेने के लिए लेखांकन आवश्यक वित्तीय सूचनाएँ प्रदान करता है!
1) लाभ हानि ज्ञात करना - लेखांकन का मुख्य उद्देश्य वित्तीय वर्ष के अंत में लाभ -हानि ज्ञात करना है!लाभ हानि का निर्धारण लाभ -हानि खाता बनाकर किया जाता है!
2) व्यापार की वित्तीय स्थिति ज्ञात करना- लेखांकन के द्वारा व्यापार के की संपत्तियों एवं दायित्वों का ज्ञान सरलता से हो जाता है! संपत्तियों में दायित्वों का सूचना अधिक चिट्ठे द्वारा प्राप्त की जा सकती है!





