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सूर्य नमस्कार के 13 मंत्र कौन-कौन से हैं...

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Anushka

| Updated on March 5, 2024 | others

सूर्य नमस्कार के 13 मंत्र कौन-कौन से हैं?

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@komalsolanki9433 | Posted on March 4, 2024

दोस्तो, साक्षात  सूर्य नमस्कार हो या व्यायाम दोनो से ही शरीर स्वस्थ और मन शांत होता है। 

सूर्य नमस्कार के लिए प्रातः काल काल का समय सबसे अच्छा माना गया है। सुबह की सूर्य की पहली किरण मे खुली ताजी हवा में शांत वातावरण में सूर्य नमस्कार करने से योग करने का पुरा फल मिलता है। 

 

सूर्य नमस्कार 13 बार 13 मंत्रो का जाप करते हुए करना चाहिए। इससे हमे विशेष फल प्राप्त होता है। 

इन मंत्रो के द्वारा सूर्य का ही नही बल्कि पूरी सृष्टी का सम्मान होता है। 

आइये जानते है सूर्य के मंत्र और उनके अर्थ - 

  1. ओम् मित्राय नम: - सबके साथ मित्रता का भाव रखना। 
  2. ओम् रवये नम: - उज्ज्वलित और प्रकाशमान 
  3. ओम् सूर्याय नम : -अंधकार को दूर कर जीवन को गति देने वाला। 
  4. ओम् भानवे नम: - जो हमेशा प्रकाशित है। 
  5. ओम् खगाय नम: - वह जो पूरे आकाश में भ्रमण करता है और सर्वव्यापी है। 
  6. ओम् पुष्णे नम: -  वह जो भरण पोषण करता है। 
  7. ओम् हिरण्यगर्भाय नम: - जिसका रंग स्वर्ण जैसा मनमोहक है। 
  8. ओम् मरीचये नम: - जो अनेक किरणो से हमे उजाला देता है। 
  9. ओम् आदित्याय नम: - पूरे ब्रम्हांण्ड की माता अदिति का  पुत्र । 
  10. ओम् सवित्रे नम: - इस पावन भूमि पर जीवन के लिए जिम्मेदार और सहायक है। 
  11. ओम् अर्काय नम: - जो प्रशंसा के लायक है। 
  12. ओम् भास्कराय नम: - जो ब्रहमांण्ड को प्रकाश देता है और ज्ञान की बारिश करता है। 

सूर्य के 12 आसनों को करते हुए इन मंत्रो का उच्चारण करने से इन मंत्रो का विशेष फल मिलता है और मन आध्यात्मिकता की और अग्रसर होता है। 

इसके प्रभाव से शरीर में आलोकिक तेज आता है। मनोबल बढ़ता है और मन एकाग्रचित होता है। 

विभिन्न प्रकार से रोगों से लड़ने की क्षमता मिलती है और सूर्य की प्रतिदिन वंदना भी होती है। 

 

 

 

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