वस्तुओं तथा सेवाओं के क्रय - विक्रय को व्यापार कहते हैं यह क्रय -विक्रय धन कमाने की दृष्टि से किया जाता है! "व्यापार से आशय वस्तु के विनियम से है, जो क्रेता एवं विक्रेता दोनों के परसपरिक लाभ के लिए किया जाता है!"
इसकी विशेषता निम्नलिखित होती है जैसे :
1)इसमें क्रेता एवं विक्रेता दोनों पक्षों का होना जरूरी होता है!
2) इसमें दोनों पक्षों को लाभ प्राप्त होता है!
3) इसमें वस्तु और सेवाओं दोनों का क्रय विक्रय कर सकते हैं!
4) बिजनेस में भाग लेने वाले संस्थाओं, दलाल, बैंक, बीमा,परिवहन,कंपनियां आदि को भी व्यापारी कहा जा सकता है!






