Asked 4 years ago

व्यापार की विशेषता क्या होती है?

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preeti  patel
preeti patelAuthor

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व्यापार की विशेषता :- व्यापार एक आर्थिक अवधारणा है जिसमें वस्तुओं और सेवाओं का खरीद बिक्री की जाती है। व्यापारिक अर्थव्यवस्था के भीतर उत्पादकों और उपभोक्ता के बीच हो सकता है।

व्यवसाय को एक संगठित आर्थिक गतिविधि के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसमें पर्याप्त विचार के लिए वस्तुओं और सेवाओं का आदान प्रदान करना होता है यह और कुछ नहीं बल्कि वाणिज्यिक लेन-देन से पैसे कमाने का एक तरीका है इसमें भी गतिविधियां शामिल है जिनका एकमात्र मात्र उद्देश्य समाज को वांछित वस्तुएं और सेवाएं प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराना है।

बिजनेस में भाग लेने वाले संस्था दलाओ बैंक बीमा परिवहन कंपनियां आदि को भी व्यापार कहां जा सकता है।

इसमें वस्तु और सेवाएं दोनों का क्रय-विक्रय कर सकते हैं।

Letsdiskuss

Poonam Patel

Answered By Poonam Patel

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Updated on03/10/26
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वस्तुओं तथा सेवाओं के क्रय - विक्रय को व्यापार कहते हैं यह क्रय -विक्रय धन कमाने की दृष्टि से किया जाता है! "व्यापार से आशय वस्तु के विनियम से है, जो क्रेता एवं विक्रेता दोनों के परसपरिक लाभ के लिए किया जाता है!"

इसकी विशेषता निम्नलिखित होती है जैसे :

1)इसमें क्रेता एवं विक्रेता दोनों पक्षों का होना जरूरी होता है!

2) इसमें दोनों पक्षों को लाभ प्राप्त होता है!

3) इसमें वस्तु और सेवाओं दोनों का क्रय विक्रय कर सकते हैं!

4) बिजनेस में भाग लेने वाले संस्थाओं, दलाल, बैंक, बीमा,परिवहन,कंपनियां आदि को भी व्यापारी कहा जा सकता है!

Letsdiskuss

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Answered By Rajni Patel

Health & nutrition Specialist
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Updated on03/10/26
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व्यापार (Business) एक ऐसी आर्थिक गतिविधि है जिसका मुख्य उद्देश्य वस्तुओं या सेवाओं के निरंतर विनिमय के माध्यम से लाभ कमाना होता है। किसी भी कार्य को 'व्यापार' की श्रेणी में रखने के लिए उसमें कुछ विशिष्ट विशेषताओं का होना अनिवार्य है।

व्यापार की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • आर्थिक गतिविधि: व्यापार का प्राथमिक उद्देश्य धन कमाना और आजीविका चलाना है। इसमें मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वस्तुओं का उत्पादन और वितरण शामिल होता है।
  • निरंतरता (Continuity): यदि आप अपनी पुरानी साइकिल एक बार बेचते हैं, तो वह व्यापार नहीं है। व्यापार में लेनदेन का नियमित और निरंतर होना आवश्यक है।
  • लाभ का उद्देश्य: हर व्यापार की बुनियादी प्रेरणा लाभ कमाना होती है। बिना लाभ की संभावना के कोई भी गतिविधि 'सेवा' या 'दान' कहला सकती है, व्यापार नहीं।
  • जोखिम और अनिश्चितता: व्यापार और जोखिम एक-दूसरे के पूरक हैं। भविष्य की अनिश्चितताओं के कारण हानि होने की संभावना हमेशा बनी रहती है।
  • वस्तुओं और सेवाओं का विनिमय: व्यापार में केवल भौतिक वस्तुएँ ही नहीं, बल्कि सेवाएँ (जैसे बैंकिंग, परिवहन, कानूनी सलाह) भी शामिल होती हैं।

निष्कर्ष: संक्षेप में, व्यापार एक व्यवस्थित प्रयास है जो समाज की जरूरतों को पूरा करते हुए आर्थिक लाभ और विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।

Ramesh Kumar

Answered By Ramesh Kumar

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Answered on03/10/26
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दोस्तों आज इस पोस्टे हम आपको व्यापार की विशेषता बताएंगे। व्यापार वस्तुओं और सेवाओं का आदान प्रदान करना होता है व्यापार वाणिज्यिक रूप से पैसा कमाने का एक तरीका होता है इसमें सभी प्रकार की गतिविधियां सम्मिलित होती हैं जिसका उद्देश्य समाज को प्रभावी ढंग से वस्तुएं और सेवाएं प्रदान करना है। व्यवसाय करने के लिए क्रेता और विक्रेता दो लोगों की आवश्यकता होती है। व्यवसाय से क्रेता और विक्रेता दोनों को ही लाभ प्राप्त होता है।

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Answered By Vandna dahiya

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Answered on07/17/23
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चलिए हम आपको व्यापार की विशेषता क्या होती है इसकी जानकारी देते हैं। वस्तु तथा सेवाओं के क्रय-विक्रय को व्यापार कहते हैं। व्यापार में क्रियता एवं विक्रेता दोनों का होना आवश्यक होता है व्यापार करने से दोनों पक्षों का लाभ होता है, व्यापार में व्यक्ति सामान खरीदना है और बेचता है, जिसमें दोनों पक्षों को लाभ बराबर मात्रा में मिलता है। कोई भी व्यापारी सामान का क्रय विक्रय करता है तो इसमें अपना लाभ और हनी देख कर चलता है कि उसे कितना लाभ हो रहा है और उसे कितना नुकसान हो रहा है।

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Krishna Patel

Answered By Krishna Patel

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Answered on07/17/23
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