चलिए दोस्तों आज हम आपको बताते हैं कि क्या है 9000 करोड़ की लागत वाले द्वारका एक्सप्रेसवे की खासियत। इससे पहले हम आपको बताएं कि द्वारका एक्सप्रेसवे क्या है और इस एक्सप्रेसवे की क्या खासियत है।
द्वारिका एक्सप्रेसवे लगभग 9000 करोड रुपए की लागत से बनने वाला एक हाईवे मतलब की हाई स्पीड का और सीधा रास्ता है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण में लगभग 9000 करोड रुपए की पूंजी लगाई है। द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा करवाया गया है इसी कारण इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा 11 मार्च को किया जाएगा।
द्वारिका एक्सप्रेसवे दिल्ली और गुड़गांव को जोड़ने वाला तीसरा और सीधा रास्ता है। यह रास्ता पहले से मौजूद नेशनल हाईवे NH-8 और मेहरौली गुड़गांव रोड के बाद बनाए जाने वाला एक रास्ता है। यह रास्ता 16 लेन हाईवे का है जिसमें हाई स्पीड की गाड़ियां जा सकती हैं और इस रास्ते में किसी भी तरह का ट्रैफिक सिग्नल नहीं होगा। यह रास्ता दिल्ली में शिव मूर्ति से स्टार्ट होकर गुड़गांव में खिड़ेकी दौला तक जाता है। द्वारिका एक्सप्रेसवे का 10.1 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में रहेगा तथा 18.9 किलोमीटर हिस्सा गुड़गांव में होगा।
द्वारका एक्सप्रेसवे चार चरणों में बनाया गया है जिसमें से चरण एक मे यह रास्ता महिपालपुर से द्वारका सेक्टर 21 तक जाएगा और चरण दो में द्वारका सेक्टर 21 से दिल्ली गुरुग्राम बॉर्डर तक जाएगा जो कि यह दिल्ली में है तथा चरण तीन में दिल्ली गुरुग्राम बॉर्डर से बसई ROB तक जाएगा तथा चरण चार में( आर ओ बी)ROB से NH-48 तक जाएगा जो कि यह गुरुग्राम में है और इसकी लंबाई 19 किलोमीटर है।
चलिए हम आपको बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण क्यों करवाया है-
द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण मैं उन्होंने यह कहा है कि मुझे द्वारका एक्सप्रेसवे देश को समर्पित करने से बेहद खुशी हुई है क्योंकि जब यह एक्सप्रेसवे शुरू होगा तो दिल्ली से गुरुग्राम आपके लोगों के लिए बड़ा बदलाव आएगा क्युकी वहां के आने जाने वाले लोगों के लिए रास्ता एकदम आसान हो जाएगा।

