चलिए दोस्तों आज हम आपको बताते हैं कि किराएदार के क्या-क्या कानून होते हैं।
दोस्तों आजकल की महगाई में अक्सर लोग नौकरी की तलाश में निकलते हैं। नौकरी की तलाश में निकलते हुए लोग अपने घर से बाहर जाते हैं और जब यह बाहर निकलते हैं तो उन्हें अपना घर नहीं मिल पाता इस कारण वे किराए के घर मे रहने पर मजबूर हो जाते हैं। कई सारे ऐसे लोग हैं जिनकी नौकरी अपने शहर से दूर शहर में लगी हुई है इस कारण भी लोग दूसरे के घर में किराए से रहते हैं।
जब लोग किराए से रहते हैं तो ऐसे कई मकान मालिक होते हैं जो अपने किराएदारों को उचित सुविधा नहीं देते हैं। मुंह मांगा घर का किराया देने पर भी मकान मालिक किराएदारों को सुविधा प्रदान नहीं करते हैं और जब किराएदार कुछ बोल देता है तो वह मकान मालिक किराएदार को घर खाली करने के लिए कह देता है।कई मकान मालिक तो ऐसे होते हैं कि किराएदारों को एकदम गरीब और नौकर समझ के रखते हैं उनसे अपने घर का सारा काम झाड़ू पोछा करवाते हैं और उन्हें खरी-खोटी भी सुना देते है और ऐसा लगता है कि किराएदार मकान मालिक का ही खा रहा है जिससे वह किराएदारों के ऊपर अपनी नाराजगी उतरता है।अगर किराएदार तेजी से दरवाजा बंद करते हैं तो उनको उसे पर भी मकान मालिक डांट देता है कि दरवाजा धीमे से बंद करना, इसके अतिरिक्त बिजली का बिल देने बावजूद भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं देता है और हमेशा सुनता रहता है कि कितना पानी खर्च करते हैं। अगर मकान मालिक अपने किराएदारों के ऊपर यह सब अत्याचार करता है तो किरायेदारों के लिए कुछ कानून बनाए गए हैं जो निम्न है -
- भारत में सर्वोच्च न्यायालय के मुताबिक अगर मालिक किराएदार को घर से बेदखल करता है तो उसके लिए मकान मालिक को किराएदार को पहले नोटिस देना होगा। इसके अतिरिक्त अगर मकान मालिक किराएदार से गाली गलौज करके या उसे उचित सुविधा न प्रदान करने पर भी किराया वसूलता है तो कार्रवाई की जा सकती है।
- अगर किराएदार अपने कमरे के अंदर है तो मकान मालिक किसी भी व्यक्ति को किराएदार के अंदर नहीं भेज सकता जब तक की किराएदार की अनुमति नहीं मिल जाती है।

