लेखांकन की सीमाएं निम्नलिखित इस प्रकार है - (1) वर्गीकरण(classifying)- जनरल एवं सहायक पुस्तकों में लेखा करने के पश्चात व्यवहारों को वर्गीकृत किया जाता है! एक ही प्रकृति के व्यवहारों को एक जगह एक समूह में खातों में रखने की प्रक्रिया को वर्गीकरण कहते हैं! यह खाते लेजर नामक पुस्तक में खोले जाते हैं!
(2)सारांश निकालना (summarising)-सारांश वर्गीकृत किए गए वित्तीय आंकड़ों को इस प्रकार प्रस्तुत करने की कला है जिसके द्वारा प्रबंधक एवं अन्य पक्ष कार वित्तीय सूचनाओ को समझ सके और उन्हें अपने निर्णय प्रक्रिया में प्रयोग कर सकें,!
(3) संप्रेषण(communication)- लेखांकन सूचनाओं को बाहरी एवं आंतरिक प्रयोगकर्ताओ को उपलब्ध कराना संप्रेक्षण कहलाता है!

Answered By preeti patel
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