Advertisement

Advertisement banner
Othersक्या है नागरिकता संशोधन अधिनियम के प्रमु...
H

| Updated on April 30, 2024 | others

क्या है नागरिकता संशोधन अधिनियम के प्रमुख प्रावधान

1 Answers
175 views
logo

@kirankushwaha3551 | Posted on April 30, 2024

चलिए दोस्तों आज हम आपको बताते हैं की नागरिकता संशोधन के प्रमुख प्रावधान कौन से हैं।

 नागरिकता संशोधन अधिनियम वर्ष 2019 का एक विधायी अधिनियम है और इस अधिनियम को भारत की संसद ने 11 दिसंबर 2019 को 1955 के नागरिकता संशोधन अधिनियम में संशोधन करने के लिए पारित किया था।नागरिकता संशोधन 2019 के तहत भारतीय नागरिकों के लिए आवेदन जमा करने के लिए विशेष प्रावधान मौजूद किए गए हैं। नागरिकता संशोधन अधिनियम विशेष कर उन व्यक्तियों के लिए लागू किया गया था जो 31 दिसंबर 2014 या उससे पहले भारत में आए थे और यह व्यक्ति पाकिस्तान,अफगानिस्तान,बांग्लादेश,से आये हिंदू  सिख,बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई समुदाय से संबंधित थे।

 खाने का मतलब यह हुआ की नागरिकता संशोधन में अफगानिस्तान,बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए मुस्लिम धर्म को छोड़कर हिंदू,सिक्ख, बौद्ध, जैन,पारसी, ईसाई लोगों के लिए नागरिकता के नियम को आसान बना दिया गया है और जो इस नागरिकता के लिए आवेदन करते हैं उन अवदको को सिर्फ यह साबित करना होगा कि वह 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आ गए थे।

 अगर मैं बात करो ना नागरिकता अधिनियम संशोधन 1955 में पहली बार कब संशोधन किया गया था तो-

 नागरिकता अधिनियम 1955 के अधिनियम में पहली बार संशोधन जुलाई 2016 में संसद में पेश किया गया था और दिसंबर 2019 में पारित किया गया था।

 नागरिकता अधिनियम संशोधन से पहले किसी भी विदेश से आए नागरिक को  भारतीय नागरिक बनने के लिए भारत में 11 वर्ष रहने की अनुमति दी जाती थी मतलब कि अगर कोई व्यक्ति विदेश से आया है वह और वह भारतीय नागरिक बनना चाहता है तो उसे भारत में 11 वर्ष बीतने होते थे वही अब नागरिकता अधिनियम संशोधन के विदेश से आए व्यक्ति को भारतीय नागरिक बनने के लिए केवल भारत में 5 वर्ष बिताने की आवश्यकता होती है यानी कि वह 5 वर्ष बाद भारतीय नागरिक बनने के लिए पत्र हो जाएगा। अगर उन नागरिकों के पास वैध वीजा या अन्य आवश्यक कागज नहीं है तब भी वह भारत में रह सकते हैं।Article image

0 Comments