रमजान का महीना शुरू होते ही मुसलमान लोग रोजा रखना शुरू कर देते है, रोजा का पूरा महीना मुसलमानो के लिए खास होता है। रोजा के पुरे महिने मुसलमान लोग व्रत रखते है,और अल्लाह की इबादत करते है, अल्लाह से जो भी दुआ मांगते है उनकी दुआ काबूल होती है।
रोजा रखने मे क्या -क्या नहीं कर सकते है इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए -
•रोजा के महीने मे भूखा,प्यासा रहना ही रोजा नहीं कहलाता है, बल्कि रोजा रखने वाले व्यक्ति क़ो किसी अन्य व्यक्ति क़ो बुरा नहीं बोलना चाहिए। इससे आपका रोजा टूट जाता है और अल्लाह आपसे नाराज़ हो जाते है।
•रोजा के महीने मे आप एक महीने रोजा रखते है, तो शारीरिक संबंध न बनाये बल्कि अपनी पत्नी से दूरी बनाकर रखे वरना आपका रोजा टूट जाएगा आपके रोजा रहने का कोई मतलब नहीं निकलेगा।
• यदि आप रमजान के महीने मे रोजा रखते है तो आप सूर्य उदय से पहले स्नान कर ले यदि आप सूर्य उदय होने के बाद स्नान करके रोजा रखते है तो आपका रोजा टूट जाता है।
• यदि रमजान के महीने मे महिलाएं रोजा रखती है तो उन्हें दिन के समय रोजा रहने पर ही मासिक धर्म आ जाता है तो उनका रोजा टूट जाता है।
•आप रमजान महीने मे रोजा रखते है तो फ़िल्म देखने, टीवी सीरियल देखने की इज्जाजत नहीं होती है। क्योंकि रमजान के महीने मे यदि आप रोजा रखते है तो दिन मे 5बार नमाज पढ़े और अल्लाह की इबादत करे।
•रोजा रखने के बाद आप ब्रेश नहीं कर सकते है, क्योंकि रोजा आप निर्जला रहते है इसलिए रोजा रखने के बाद ब्रश करने की इजाजत अल्लाह नहीं देता है। इसलिए आप रोजा खोलने के बाद ब्रश कर सकते है।
• आप रमजान के महीने मे रोजा रखते है और आपको कोई बीमारी है तो आप सोचते होंगे की रोजा रखने के बाद दवा खा सकते है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है रोजा रहने वाले व्यक्ति निर्जला व्रत रहना पड़ता है इसलिए बीमार व्यक्ति क़ो रोजा नहीं रखना चाहिए।
