India और Russia के बीच हाल के दौर में आतंकवाद को लेकर कई उच्च स्तरीय बैठकों और बातचीतों में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बहुत स्पष्ट और सख्त संदेश दिया है।
रूस में हुई द्विपक्षीय वार्ताओं और संयुक्त बयानों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा है और इसे किसी भी देश के खिलाफ “डबल स्टैंडर्ड” के आधार पर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ सभी देशों को एकजुट होकर लड़ना चाहिए।
एक संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और रूस लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ एक साथ खड़े रहे हैं और दोनों देशों ने कई बार इस चुनौती का सामना मिलकर किया है। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे कोई भी आतंकवादी घटना हो, उसका मूल कारण एक ही होता है और इसलिए वैश्विक स्तर पर एक समान और सख्त नीति जरूरी है।
पीएम मोदी ने यह भी जोर दिया कि आतंकवाद को किसी भी रूप में सही नहीं ठहराया जा सकता और न ही इसे किसी राजनीतिक या रणनीतिक नजरिए से अलग-अलग तरीके से देखा जाना चाहिए। उनका संदेश था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दुनिया को एक “कॉमन फ्रंट” बनाना होगा।
रूस की ओर से भी इस दौरान भारत के रुख का समर्थन देखने को मिला। रूस ने कई बार भारत के आतंकवाद विरोधी प्रयासों की सराहना की है और दोनों देशों ने इस मुद्दे पर सहयोग बढ़ाने की बात कही है।
अगर आसान भाषा में समझें तो पीएम मोदी ने रूस में आतंकवाद को लेकर यह कहा कि आतंकवाद पूरी दुनिया की समस्या है, इसे खत्म करने के लिए सभी देशों को एक साथ आना होगा, और इसमें किसी तरह का भेदभाव या दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। उनका संदेश साफ था—आतंकवाद के खिलाफ सख्त, एकजुट और लगातार कार्रवाई जरूरी है।