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Anushka · 2 years ago
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सनातन धर्म के बारें में आप क्या जानते है?

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दोस्तों अपने सनातन धर्म का नाम तो सुना ही होगा पर आपको पता है कि सनातन धर्म होता क्या है अगर नहीं पता है तो चलिए मैं आपको सनातन धर्म के बारे में बताती हूं।

 

सनातन धर्म- सनातन धर्म दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है ब्राम्हास्मी में और तत्वमासि जिसका अर्थ होता है कि मैं ही ब्रह्मा हूं और यह पूरा जगत ब्रह्म है। सत्य को ही सनातन माना जाता है कहने का मतलब है कि जिसमें सत्य होता है वही सनातन कहलाता है। सनातन धर्म को आदिकाल से शुरू किया गया था और इसका कोई अनंत नहीं है अर्थात यह अनंत काल तक चलेगा। इस प्रकार सनातन धर्म को कहा जाता है कि इसका ना कोई आदि है और न अंत है। सनातन धर्म के माध्यम से ईश्वर के बारे में जानकारी मिलती है इसके साथ ही आत्मा और मोक्ष के बारे में भी जानकारी मिलती है। सनातन धर्म का मूल उद्देश्य पूजा करवाना,जप तप करवाना,दान देना सत्य बोलना,अहिंसा, किसी दूसरे व्यक्ति पर दया करना और उसे क्षमा कर देना इत्यादि है। सनातन धर्म सत्य की राय पर चलने का ज्ञान देता है। सनातन धर्म में शिवजी को,ब्रह्मा जी को और विष्णु जी की पूजा की जाती है। सनातन धर्म मे शिवजी, ब्रह्मा जी, और विष्णु जी ये तीनों देवताओं को आराध्य मानते हैं। सनातन धर्म में भगवान शिव जी की पूजा की जाती है इस कारण सनातन धर्म में ओम को प्रतीक चिन्ह माना जाता है।सनातन धर्म में शास्त्रों की रचना संस्कृत भाषाओं में की गई है।सनातन धर्म शब्द का प्रयोग सबसे पहले अर्जुन द्वारा किया गया था इसलिए सनातन धर्म का ज्ञान गीता से मिलता है। इसके अतिरिक्त महाभारत से भी सनातन धर्म का ज्ञान मिलता है। सनातन धर्म का ज्ञान केवल महाभारत और गीता में ही मिलता है इसके अलावा किसी भी वेद या पुराण में सनातन धर्म को नहीं लिखा गया है।

 

 

 

Letsdiskuss

Answered by
Kiran Kushwaha
Kiran KushwahaModern India Explorer
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Answered on03/19/24
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क्या आप जानते हैं कि सनातन धर्म क्या है यदि आप जानते हैं तो अच्छी बात है और यदि आपको इसकी जानकारी नहीं है तो आज मैं आपको इस आर्टिकल के माध्यम से सनातन धर्म के बारे में बताने वाली हूं :-

 

दोस्तों मैं आपको बता दूं कि सनातन शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है पहला शब्द है सत और दूसरा तत् इन दोनों शब्दों से मिलकर ही सनातन शब्द बना है। और इन दोनों शब्दों का अर्थ यह और वह है। मैं आपको बता दूं कि इसका व्यापक उल्लेख अहम् ब्रह्मास्मि और तत्वमिस श्लोक से मिलता है। और मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि इस श्लोक का अर्थ है कि मैं ब्रह्म हूं और यह संपूर्ण जगत ब्रह्म है। और इस सृष्टि के निर्माण के बाद भी ब्रह्म में न्यूनता नहीं आई है। यानी कि उनके कहने का तात्पर्य यह है कि ब्रह्म पूर्ण है।

 

आई दोस्तों हम आपको बताते हैं कि सनातन धर्म को कितने युगों का वर्णन किया गया है:-

दोस्तों मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि सनातन धर्म में चार युगों का वर्णन किया गया है। जो कि इस प्रकार है सतयुग, त्रेता, द्वापर और कलयुग। और आप सभी तो जानते ही होंगे कि वर्तमान समय में कलयुग चल रहा है। और कहते हैं कि जब कलयुग समाप्त हो जाएगा तो इसके बाद सतयुग प्रारंभ होगा।। और यह क्रम हमेशा जारी रहेगा। दोस्तों मैं आपको बता दूं कि सनातन धर्म में त्रिदेव यानी कि ब्रह्मा,विष्णु और महेश को प्रमुख आराध्या माना गया है।

 दोस्तों मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि सनातन धर्म में शास्त्रों की रचना संस्कृत भाषा में की गई थी। और सनातन धर्म में भगवान शिव जी की पूजा की जाती थी। इसके अलावा सनातन धर्म में पुनर्जन्म का विधान भी बताया गया है।

 

 

 

Letsdiskuss

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S
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Answered on03/19/24
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