आप सभी ने औसत के बारे में तो सुना ही होगा क्योंकि बचपन से ही हम औसत का इस्तेमाल गणित की पढ़ाई के लिए करते आ रहे हैं। चलिए आज हम आपको बताते हैं की औसत क्या है।
औसत क्या है यहां पर मैं आपको बताने वाली हूं:-
सबसे पहले मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं की औसत को अंग्रेजी में एवरेज कहते हैं। मैं आपको बता दूं की औसत एक ऐसी गणितीय संख्या है जो दी गई संख्याओं के योगफल तथा दी गई संख्याओं की संख्या के अनुपात बनता है। आइये आपको बताते हैं की औसत को परिभाषित किस प्रकार किया जाता है।
यहां पर मैं आपको औसत की परिभाषा बताने वाली हूं:-
अपने बचपन में पढ़ा होगा कि दो या दो से अधिक सजातीय राशियों के जोड़ को उन राशियों की संख्या से भाग करने पर प्राप्त भागफल उन राशियों का औसत कहलाता है।
यहां पर मैं आपको औसत का सूत्र भी बताने वाली हूं जो कि इस प्रकार है:-
औसत = राशियों का कुल योग/ राशियों की कुल संख्या
अब मैं आपको औसत के प्रकार बताऊंगी की औसत के कितने प्रकार होते हैं।
मैं आपको बता दूं कि अंकगणितीय औसत दो प्रकार के होते हैं।
(1) साधारण औसत।
• औसत मान = समस्त राशियों का योगफल ÷ समस्त राशियों की कुल संख्या।
• समस्त राशियों का योगफल = औसत मान × समस्त राशियों की कुल संख्या।
• राशियों की कुल संख्या= सभी राशियों का योगफल ÷ राशियों की कुल संख्या।
(2) भारित औसत
• औसत मान = कुलभर युक्त आकृति÷ कुल आकृति।
चलिए मैं आपको औसत पर आधारित महत्वपूर्ण बिंदु बताती हूं :-
मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि यदि सभी संख्याओं में x से गुणा किया जाए तो उनके औसत मे x गुणा की कमी होती है।
इस तरह मैंने आपको इस पैराग्राफ में औसत से जुड़ी पूरी जानकारी दी है।






