चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अनुशासन से आप क्या समझते हैं। :- और अनुशासन हमारे लिए कितना जरूरी है। अनुशासन का मूल्य वह करने का तरीका है जो करने की आवश्यकता है। अभ्यास न केवल व्यक्ति को सकारात्मक कार्य स्थापित करने की अनुमति देता है। यह हमारे दिमाग और शरीर को प्रशिक्षित करने में मदद करता है। और हमें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और अपनी भावनाओं का नियंत्रित करने में सक्षम बनाता है। हर एक मनुष्य के जीवन में अनुशासन होना सबसे ज्यादा महत्व होता है। कोई भी अवस्था हो हमें अनुशासित रहना चाहिए.
तो चलिए मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि अनुशासन का अर्थ और महत्व क्या होता है :-
अनुशासन दो शब्दों से मिलकर बना है- अनु और शासन। अनु उपसर्ग है जो शासन से जुड़ा है और जिस अनुशासन शब्द बना है जिसका अर्थ है- किसी नियम के अधीन रहना या नियमों के शासन में रहना। हमारे जीवन के हर एक काम के लिए बेहतर अनुशासन की आवश्यकता होती है। पारिवारिक और सामाजिक जीवन में तो कहीं ज्यादा अनुशासन की आवश्यकता होती है।यह एक कटु सच्चाई है कि अनुशासन के बिना सफलता नहीं हासिल की जा सकती है। जिस देश के लोग अनुशासित हैं जहां की सेवा अनुशासित है वहां देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर होता रहेगा, वह सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ता रहेगा।
तो चलिए हम आपको बताते हैं कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्व क्या होता है :-
अच्छे विद्यार्थी को हमेशा अनुशासन में रहना चाहिए। अच्छे विद्यार्थी के गुणो में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण तत्व है।अनुशासन का पालन करके ही एक अच्छा विद्यार्थी बन जा सकता है। अच्छे विद्यार्थी को माता-पिता शिक्षक को बड़ों की आज्ञा हमेशा पालन करना चाहिए। जीवन को आनंदपूर्वक जीने के लिए विद्या और अनुशासन दोनों आवश्यक है। अनुशासन भी एक प्रकार की विद्या अपने देशचर्या,भजन चला, रहन-सहन, सोच विचार और अपने समस्त व्यवहार को व्यवस्थित करना ही अनुशासन है।अनुशासन का गुण बचपन में ही ग्रहण किया जाना चाहिए। अनुशासन जीवन के लिए परम आवश्यक है तथा उसकी प्रथम पाठशाला है।



